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Flying Boats: क्या पानी के ऊपर 'उड़ते' हुए सफर करना जल्द हकीकत बनेगा? क्या है यूएई की 'फ्लाइंग बोट' परियोजना?
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 12 Feb 2026 07:39 PM IST
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सार
एक नया इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर ट्रांसपोर्ट सिस्टम, जो लोगों को सचमुच पानी पर 'फिसलने' करने का वादा करता है, जल्द ही अबू धाबी और पूरे यूएई में हकीकत बन सकता है।
Flying Boats REGENT Viceroy Electric Seagliders
- फोटो : X/@uae_project
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विस्तार
अबू धाबी और पूरे यूएई में जल यात्रा का तरीका जल्द ही पूरी तरह बदल सकता है। एक नई इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर ट्रांसपोर्ट प्रणाली लोगों को पानी की सतह के ठीक ऊपर फिसलते हुए तेज, स्वच्छ और अत्याधुनिक सफर का अनुभव देने का वादा करती है। हाई-स्पीड समुद्री तकनीक और विमानन एयरोडायनैमिक्स के मेल से बनी यह अवधारणा सरकारी साझेदारियों और निजी नवाचारों के दम पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
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इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर आखिर हैं क्या?
इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर पूरी तरह इलेक्ट्रिक विंग-इन-ग्राउंड-इफेक्ट (WIG) क्राफ्ट होते हैं, जो एयरोडायनैमिक लिफ्ट और हाइड्रोफॉइल तकनीक के सहारे पानी की सतह के बेहद क़रीब चलते हैं। हवा के कुशन पर 'स्लाइड' करने के कारण ये पारंपरिक नावों से कहीं ज्यादा कुशल और सामान्य समुद्री परिवहन से कहीं तेज होते हैं।
इस तकनीक का प्रमुख मॉडल REGENT Viceroy (रीजेंट वायसराय) है। जो कई यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और भविष्य में बैटरी तकनीक के उन्नत होने के साथ इसकी रफ्तार लगभग 290 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर पूरी तरह इलेक्ट्रिक विंग-इन-ग्राउंड-इफेक्ट (WIG) क्राफ्ट होते हैं, जो एयरोडायनैमिक लिफ्ट और हाइड्रोफॉइल तकनीक के सहारे पानी की सतह के बेहद क़रीब चलते हैं। हवा के कुशन पर 'स्लाइड' करने के कारण ये पारंपरिक नावों से कहीं ज्यादा कुशल और सामान्य समुद्री परिवहन से कहीं तेज होते हैं।
इस तकनीक का प्रमुख मॉडल REGENT Viceroy (रीजेंट वायसराय) है। जो कई यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और भविष्य में बैटरी तकनीक के उन्नत होने के साथ इसकी रफ्तार लगभग 290 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
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Flying Boats REGENT Viceroy Electric Seagliders
- फोटो : X/@uae_project
जल यात्रा में अगुवाई क्यों कर रहा है अबू धाबी?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अबू धाबी के नेतृत्व और परिवहन प्राधिकरणों ने 2028 तक अमीरात में इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर लाने के लिए ऑपरेटरों के साथ समझौता किया है। शुरुआती चरण में ये क्राफ्ट अबू धाबी सिटी और अल धफरा क्षेत्र जैसे तटीय इलाकों को जोड़ेंगे। जबकि आगे चलकर पूरे यूएई तट पर रूट्स विस्तार की योजना है।
यह परियोजना संस्कृति और पर्यटन विभाग- अबू धाबी, अबू धाबी निवेश कार्यालय और एकीकृत परिवहन केंद्र (अबू धाबी मोबिलिटी) के साथ निजी ऑपरेटरों की रणनीतिक साझेदारी का नतीजा है। ADIO के महानिदेशक बद्र अल-ओलामा के अनुसार, सीग्लाइडर अबू धाबी को अगली पीढ़ी के तटीय परिवहन में वैश्विक अग्रणी बना सकते हैं। जहां स्मार्ट और टिकाऊ मोबिलिटी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अबू धाबी के नेतृत्व और परिवहन प्राधिकरणों ने 2028 तक अमीरात में इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर लाने के लिए ऑपरेटरों के साथ समझौता किया है। शुरुआती चरण में ये क्राफ्ट अबू धाबी सिटी और अल धफरा क्षेत्र जैसे तटीय इलाकों को जोड़ेंगे। जबकि आगे चलकर पूरे यूएई तट पर रूट्स विस्तार की योजना है।
यह परियोजना संस्कृति और पर्यटन विभाग- अबू धाबी, अबू धाबी निवेश कार्यालय और एकीकृत परिवहन केंद्र (अबू धाबी मोबिलिटी) के साथ निजी ऑपरेटरों की रणनीतिक साझेदारी का नतीजा है। ADIO के महानिदेशक बद्र अल-ओलामा के अनुसार, सीग्लाइडर अबू धाबी को अगली पीढ़ी के तटीय परिवहन में वैश्विक अग्रणी बना सकते हैं। जहां स्मार्ट और टिकाऊ मोबिलिटी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होगी।
तकनीक कितनी आगे बढ़ चुकी है और कब शुरू होगी सेवा?
इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के प्रोटोटाइप समुद्री परीक्षण चरण में पहुंच चुके हैं और चालक दल के साथ परीक्षण चल रहे हैं। अमेरिका में डेवलपर्स द्वारा फुल-स्केल टेस्टिंग की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। इस तकनीक को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख कंपनी रीजेंट और उसके साझेदारों का अनुमान है कि 2026 से 2028 के बीच व्यावसायिक संचालन के लिए सिस्टम तैयार हो जाएगा। जो अबू धाबी की चरणबद्ध लॉन्च योजना से मेल खाता है।
इलेक्ट्रिक सीग्लाइडर के प्रोटोटाइप समुद्री परीक्षण चरण में पहुंच चुके हैं और चालक दल के साथ परीक्षण चल रहे हैं। अमेरिका में डेवलपर्स द्वारा फुल-स्केल टेस्टिंग की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। इस तकनीक को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख कंपनी रीजेंट और उसके साझेदारों का अनुमान है कि 2026 से 2028 के बीच व्यावसायिक संचालन के लिए सिस्टम तैयार हो जाएगा। जो अबू धाबी की चरणबद्ध लॉन्च योजना से मेल खाता है।
यूएई की व्यापक मोबिलिटी रणनीति में सीग्लाइडर कहां फिट होते हैं?
सीग्लाइडर में यूएई की दिलचस्पी, जमीन, हवा और समुद्र, तीनों में इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अबू धाबी में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की महत्वाकांक्षाएँ और एडवांस्ड रोड ऑटोमेशन ट्रायल इसी समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
यूएई 2050 तक नेट जीरो की रणनीति जैसे नीतिगत विजन के तहत ये नवाचार न सिर्फ यात्रा समय घटाने का लक्ष्य रखते हैं। बल्कि कार्बन फुटप्रिंट कम करने, स्वच्छ तकनीक अपनाने और 21वीं सदी में लोगों व सामान की आवाजाही को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में भी बड़ा कदम हैं।
सीग्लाइडर में यूएई की दिलचस्पी, जमीन, हवा और समुद्र, तीनों में इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अबू धाबी में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की महत्वाकांक्षाएँ और एडवांस्ड रोड ऑटोमेशन ट्रायल इसी समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
यूएई 2050 तक नेट जीरो की रणनीति जैसे नीतिगत विजन के तहत ये नवाचार न सिर्फ यात्रा समय घटाने का लक्ष्य रखते हैं। बल्कि कार्बन फुटप्रिंट कम करने, स्वच्छ तकनीक अपनाने और 21वीं सदी में लोगों व सामान की आवाजाही को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में भी बड़ा कदम हैं।