पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Using Red, Blue Beacons Private Cars Illegal, Face Heavy Fines Vehicle Seizure

Traffic Rules: प्राइवेट गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाना पड़ेगा महंगा! भारी जुर्माना और गाड़ी हो सकती है सीज

Sun, 12 Apr 2026 10:25 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sun, 12 Apr 2026 10:25 AM IST
सार

Traffic rules for private vehicles: सड़क पर अपना रुतबा दिखाने के लिए अगर आप भी अपनी प्राइवेट कार पर लाल या नीली बत्ती लगाने का सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि यह शौक आप भर भारी पड़ सकता है। जानिए सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए किन नियमों को बेहद सख्त बना दिया है।

विज्ञापन
Using Red, Blue Beacons Private Cars Illegal, Face Heavy Fines Vehicle Seizure
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock

विस्तार

Red and blue beacon light rules India: सड़क पर वीआईपी जैसा अनुभव पाने के लिए अपनी गाड़ी पर अवैध बत्तियां न लगाएं। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस न केवल चालान काट सकती है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन


साल 2017 में सरकार की ओर से वीआईपी कल्चर को खत्म करने के बाद, प्राइवेट वाहनों पर लाल या नीली बत्ती का इस्तेमाल पूरी तरह अवैध है। यह सुविधा केवल इमरजेंसी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के लिए आरक्षित है। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के उल्लंघन पर पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की धारा 108 के तहत भारी जुर्माना लगा सकती है और वाहन को जब्त भी कर सकती है।
विज्ञापन


Motor Vehicle Act 1989 section 108: नियम क्या कहते हैं?
केंद्र सरकार ने 2017 में वीआईपी कल्चर को जड़ से मिटाने के लिए एतिहासिक फैसला लेते हुए सभी मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटा दी थी। इसका मकसद सड़क पर एक समानता का माहौल बनाना और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करना था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बत्ती लगाने का अधिकार किसे है?
  • इमरजेंसी सेवाएं: केवल एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे सरकारी वाहनों को ही नीली या लाल बत्ती का उपयोग करने की अनुमति है।
  • आम नागरिक: किसी भी निजी वाहन पर किसी भी तरह की फ्लैशर लाइट, लाल या नीली बत्ती का उपयोग करना गैर-कानूनी है।
  • कवर करना अनिवार्य: अगर कोई अधिकृत व्यक्ति सरकारी कार्य के लिए भी गाड़ी में मौजूद नहीं है, तो उस स्थिति में भी बत्ती को कवर करना अनिवार्य होता है।

क्या है जुर्माना और कार्रवाई?
अगर कोई ट्रैफिक पुलिस के नियमों को तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है:
  • भारी जुर्माना: मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारी चालान काटा जाएगा।
  • गाड़ी सीज: नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन को तुरंत जब्त यानी सीज भी किया जा सकता है।
  • अवैध लाइट्स: मौके पर ही गाड़ी से अवैध लाइट्स को हटवाया जाएगा।
  • सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इन लाइटों का दुरुपयोग सड़क पर डर और भ्रम पैदा करता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed