मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे: शुरू हुआ 'मिसिंग लिंक', वर्ल्ड रिकॉर्ड वाले इस रास्ते से 30 मिनट तक कम हुआ सफर
Mumbai Pune Expressway Missing Link: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बहुप्रतीक्षित 13.3 किलोमीटर लंबे 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। 7 हजार करोड़ रुपए की लागत से बने इस शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर से मुंबई और पुणे के बीच का सफर अब 6 किलोमीटर छोटा और करीब 30 मिनट तक तेज हो जाएगा। 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज इस रूट पर दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग और देश के सबसे ऊंचे ब्रिज का रोमांच मिलेगा, वह भी बिना किसी एक्स्ट्रा टोल के। हालांकि, पहले 6 महीने इस पर सिर्फ कार और बसें ही चल सकेंगी।
विस्तार
मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। देश के सबसे व्यस्त हाईवे में शामिल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 13.3 किलोमीटर लंबे 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट का इंतजार अब खत्म हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका उद्घाटन किया और इसे 'इंजीनियरिंग का चमत्कार' बताया है। आज यानी 2 मई से इस नए और शानदार रास्ते को आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
क्या है यह 'मिसिंग लिंक' और क्यों थी इसकी जरूरत?
वर्षों से इस रूट पर बोरघाट का हिस्सा ड्राइवर्स के लिए एक बड़ा सिरदर्द रहा है। संकरे रास्ते, तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और अचानक खराब होने वाले मौसम के कारण अक्सर यहां लंबा जाम लग जाता था। पीक आवर्स में तो लोगों को दो-दो घंटे तक ट्रैफिक में फंसना पड़ता था। 'मिसिंग लिंक' इसी परेशानी का पक्का इलाज है। यह खोपोली और कुसगांव के बीच एक नया और सीधा बायपास है, जो आपको उस पुराने और मुश्किल घाट वाले हिस्से से बचाकर निकाल देगा।
ड्राइविंग के लिहाज से क्या बदला?
ड्राइविंग के नजरिए से देखा जाए तो यह नया प्रोजेक्ट एक बहुत बड़ा अपग्रेड है। इसमें इंजीनियरिंग का शानदार नमूना पेश करते हुए दो बेहद चौड़ी सुरंगें, ऊंचे एलिवेटेड पुल और टाइगर वैली के ऊपर एक खूबसूरत केबल-स्टे ब्रिज बनाया गया है। यह नया रास्ता न सिर्फ आधुनिक है, बल्कि सुरक्षा के मामले में भी काफी बेहतर है। अब ड्राइवरों को पुराने रास्ते के खतरनाक तीखे मोड़ों और भारी बारिश वाले रिस्क जोन से नहीं जूझना पड़ेगा, जिससे गाड़ी एक समान रफ्तार में और कहीं ज्यादा सुरक्षित तरीके से चलाई जा सकेगी।
सफर होगा तेज और सुरक्षित
इस प्रोजेक्ट को खास तौर पर खंडाला और बोर घाट के घुमावदार और ढलान वाले पहाड़ी रास्तों को बायपास करने के लिए बनाया गया है। इससे न सिर्फ आपके सफर का समय काफी कम होगा, बल्कि खतरनाक मोड़ों से बचने के कारण सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
आम यात्रियों और ड्राइवर्स को क्या फायदा होगा?
इस नए कॉरिडोर के शुरू होने से आम यात्रियों और ड्राइवरों को कई बड़े फायदे मिलेंगे। लगभग 19 किलोमीटर लंबा यह रास्ता न केवल कुल दूरी को 6 किलोमीटर कम कर देता है, बल्कि सामान्य ट्रैफिक में आपके सफर का समय भी करीब 20 से 30 मिनट तक बचा लेता है।
ड्राइविंग के नजरिए से देखें तो अब आपको पुराने घाट सेक्शन की तरह बार-बार क्लच और ब्रेक के इस्तेमाल से होने वाली झुंझलाहट नहीं झेलनी पड़ेगी, जिससे आपकी गाड़ी का माइलेज तो बढ़ेगा ही, साथ ही गाड़ी के पार्ट्स भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे। कुल मिलाकर, चाहे आप रोज सफर करने वाले प्रोफेशनल हों या वीकेंड पर घूमने जाने वाले पर्यटक, अब आपका मुंबई-पुणे का सफर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजेदार, किफायती और टेंशन-फ्री होने वाला है।
क्या इसके लिए ज्यादा टोल देना होगा?
इतने बड़े और आधुनिक अपग्रेड के बाद अक्सर मन में सवाल आता है कि क्या इसके लिए जेब ज्यादा ढीली करनी होगी? तो इसका जवाब है नहीं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मिसिंग लिंक का इस्तेमाल करने के लिए आपको कोई भी अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा।
हालांकि, यात्रियों को एक जरूरी नियम का ध्यान रखना होगा। शुरुआती छह महीनों के ट्रायल पीरियड के दौरान इस नए रूट पर केवल हल्के मोटर वाहन और बसों को ही चलने की अनुमति दी गई है। वहीं, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को फिलहाल पुराने घाट वाले रास्ते का ही इस्तेमाल करना होगा।
वर्ल्ड रिकॉर्ड वाला इंफ्रास्ट्रक्चर
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के जरिए लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट तकनीकी और इंजीनियरिंग के मामले में मिसाल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अपनी खास खूबियों के चलते इस प्रोजेक्ट ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अपनी जगह बनाई है।
इसकी सबसे बड़ी विशेषता यहां बनी दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग है, जो ड्राइवरों को एक बिल्कुल नया और वर्ल्ड-क्लास अनुभव देती है। साथ ही, टाइगर वैली के ऊपर बना देश का सबसे ऊंचा केबल-स्टे ब्रिज इंजीनियरिंग का एक ऐसा बेजोड़ नमूना है, जो न केवल सफर को आसान बनाता है बल्कि देखने में भी बेहद भव्य है। इन खूबियों ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को अब वैश्विक स्तर पर पहचान दिला दी है।
वीकेंड के ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
इस 13.3 किमी के रास्ते में दो सुरंगें और दो पुल शामिल हैं। अक्सर वीकेंड और पब्लिक हॉलिडे पर एक्सप्रेसवे के घाट सेक्शन में जो भारी ट्रैफिक जाम लगता था, यह नया रास्ता उससे बड़ी राहत दिलाएगा। यह एक 'इकोनॉमिक मल्टीप्लायर' की तरह काम करेगा। इससे इस कॉरिडोर के आसपास 70 हजार करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
