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E20 Petrol: ई20 पेट्रोल से पुरानी कार को नुकसान पहुंचने का है डर? इन आसान उपायों से बचाएं अपने वाहन का इंजन

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 20 Jun 2026 09:37 PM IST
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सार

भारत ने समय से पहले ही अपने 'E20 ईंधन' के लक्ष्य को हासिल कर लिया है, और अब देश एथेनॉल-ब्लेंडेड (एथेनॉल मिश्रित) ईंधन के अगले चरणों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। लेकिन, इस तकनीकी प्रगति के बीच पुरानी गाड़ी मालिकों की रातों की नींद उड़ी हुई है। वे इस बात से परेशान हैं कि कहीं E20 पेट्रोल उनकी कार के इंजन को अंदर से खोखला न कर दे। अगर आप भी इसी चिंता में हैं और अपनी पुरानी कार को इस नुकसान से बचाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के ये खास टिप्स आपके बेहद काम आ सकते हैं।

Worried About E20 Petrol Damage in Older Cars? Follow These Expert Tips to Protect Your Engine
Old Car E20 Petrol Protection - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

भारत ने तय समय से पहले ही E20 ईंधन लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब देश तेजी से अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इस बदलाव के साथ कई वाहन मालिकों के मन में एक सवाल लगातार बना हुआ है? क्या E20 पेट्रोल पुरानी कारों के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है?

अगर आपकी कार भी पुरानी है और आप E20 पेट्रोल को लेकर चिंतित हैं। तो कुछ विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपाय आपके वाहन को संभावित नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

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क्या E20 पेट्रोल सभी वाहनों को नुकसान पहुंचाता है?

इस सवाल का सीधा जवाब है- नहीं।

E20 ईंधन, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, सभी वाहनों के लिए हानिकारक नहीं है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि:

  • अप्रैल 2023 के बाद निर्मित कारों को E20 ईंधन पर चलने के लिए कैलिब्रेट किया गया है।

  • यानी ऐसे वाहन E20 पेट्रोल के साथ अनुकूल माने जाते हैं।

  • जोखिम मुख्य रूप से अप्रैल 2023 से पहले बने वाहनों के लिए बताया जा रहा है।

पुरानी कारों के लिए E20 पेट्रोल चिंता का कारण क्यों है?

अप्रैल 2023 से पहले निर्मित अधिकांश वाहन:

  • E10 ईंधन या शुद्ध पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए थे।

  • ऐसे वाहनों में E20 के उपयोग से कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

E20 पेट्रोल से इंजन को कैसे नुकसान पहुंच सकता है?

E20 में मौजूद इथेनॉल की कुछ विशेषताएं पुरानी कारों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

1. नमी को आकर्षित करता है इथेनॉल

इथेनॉल अत्यधिक हाइग्रोस्कोपिक होता है, यानी यह हवा से नमी को अपनी ओर खींचता है।

इससे:

  • धातु के फ्यूल टैंक में जंग लग सकती है।

  • फ्यूल पंप प्रभावित हो सकता है।

2. रबर और प्लास्टिक के हिस्सों को नुकसान

इथेनॉल:

  • रबर सील को कमजोर कर सकता है।

  • प्लास्टिक फ्यूल लाइनों को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम में रुकावट पैदा कर सकता है।

3. माइलेज पर असर

इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व (एनर्जी डेंसिटी) पेट्रोल से कम होती है।

इसका परिणाम:

  • ईंधन दक्षता में कमी।

  • पुरानी कारों में माइलेज की समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

पुरानी कारों को E20 से कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ उपाय अपनाकर E20 के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फ्यूल एडिटिव्स का इस्तेमाल करें

यह सबसे आसान उपाय माना जाता है।

ऐसे एडिटिव्स:

  • सी फोम (Sea Foam)

  • एब्रो (Abro)

  • स्टा-बिल (Sta-bil)

ईंधन में मौजूद इथेनॉल को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं और इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं।

क्या फ्यूल लाइन बदलना फायदेमंद रहेगा?

हां। चूंकि इथेनॉल पुरानी फ्यूल लाइनों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए उन्हें बदलना एक बेहतर विकल्प माना जाता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:

  • पुरानी फ्यूल लाइन को PTFE या ब्रेडेड स्टील पाइप से बदल दिया जाए।

लागत:

  • नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन वाली कार के लिए लगभग 2,500 से 5,000 रुपये।

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E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI

इंजन सील्स को अपग्रेड करना क्यों जरूरी है?

इथेनॉल मिश्रित ईंधन पुराने रबर सील्स को कमजोर और फटा हुआ बना सकता है।

इसलिए पुराने सील्स को बदलकर:

  • वितॉन (Viton) सील

  • ओ-रिंग्स (O-rings)

  • गैस्केट (Gasketsः

का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

क्या फ्यूल टैंक की कोटिंग करानी चाहिए?

इथेनॉल द्वारा खींची गई नमी फ्यूल टैंक के निचले हिस्से में जमा हो सकती है और धीरे-धीरे जंग का कारण बन सकती है।

इससे बचने के लिए:

  • फ्यूल टैंक पर Phenol Novolac Epoxy

  • या Advanced Urethane

की कोटिंग कराई जा सकती है।

यह कोटिंग टैंक को जंग से बचाने में मदद कर सकती है।

ECU कैलिब्रेशन क्यों जरूरी हो सकता है?

चूंकि इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व पेट्रोल से कम होती है, इसलिए वाहन के इंजन मैनेजमेंट सिस्टम को अलग तरीके से ट्यून करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

इसके लिए:

  • अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाकर अपडेटेड ECU मैप की जांच कराई जा सकती है।

  • या किसी गैराज में पिग्गीबैक ईसीयू (Piggyback ECU) इंस्टॉल कराया जा सकता है।

अनुमानित खर्च:

  • लगभग 7,000 से 10,000 रुपये।

पुरानी कार मालिकों के लिए सबसे बड़ी सीख क्या है?

E20 पेट्रोल सभी वाहनों के लिए समस्या नहीं है। लेकिन अप्रैल 2023 से पहले निर्मित कारों के मालिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।

इन उपायों को अपनाकर:

  • फ्यूल सिस्टम की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।

  • जंग और टूट-फूट की आशंका कम की जा सकती है।

  • E20 के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • पुरानी कार की उम्र और प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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