वियतनाम की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी VinFast ने हाल ही में भारत खासकर दिल्ली-NCR में अपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस Green SM की शुरुआत की है। कंपनी ने ग्राहकों को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के शानदार सफर और ड्राइवरों को हर महीने एक मोटी फिक्स सैलरी देने का वादा किया था।
कमाई के वादे पर विवाद: ₹40,000 की सैलरी का वादा, मिले सिर्फ ₹700! VinFast की Green SM खिलाफ ड्राइवर्स का विरोध
Green SM Drivers Allege Salary Shortfall: विनफास्ट की नई इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस ग्रीन एसएम विवादों में घिर गई है। कंपनी ने ड्राइवरों को 40,000 रुपये तक की फिक्स सैलरी का वादा किया था, लेकिन 20 दिन काम करने के बाद उनके खाते में महज 700 रुपये आए हैं। वेतन में कटौती, मनमानी शर्तों और जेब से टोल टैक्स भरने को मजबूर ड्राइवरों ने अब कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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आखिर क्या है पूरा मामला?
ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी आम टैक्सी कंपनियों से अलग, Green SM ने ड्राइवरों को नौकरी जैसा सुरक्षित माहौल और पक्की मासिक कमाई (Fixed Monthly Income) का वादा किया था। लेकिन, ड्राइवरों का कहना है कि विज्ञापन में जो दिखाया गया, असलियत उससे बिल्कुल अलग है।
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ड्राइवरों की 5 बड़ी शिकायतें
- सैलरी में भारी कटौती: कंपनी ने भर्ती के समय ड्राइवरों से ₹40,000 तक की गारंटीड मासिक सैलरी का वादा किया था। लेकिन, ड्राइवरों का दावा है कि 20 दिन लगातार 12-12 घंटे काम करने के बाद उनके खाते में सिर्फ ₹700 से ₹1,100 ही भेजे गए हैं।
- पेमेंट में देरी: ड्राइवरों का आरोप है कि वे पिछले लगभग एक महीने से लगातार गाड़ियां चला रहे हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से पेमेंट में काफी देरी की जा रही है।
- कमीशन में हेराफेरी: शुरुआत में ड्राइवरों को हर ट्रिप की कमाई का 35% हिस्सा देने की बात कही गई थी, लेकिन असल में उन्हें सिर्फ 33% ही दिया जा रहा है।
- शर्तों में अचानक बदलाव: ड्राइवरों का कहना है कि कंपनी ने पहले कहा था कि शुरुआत के 2 महीनों तक बिना किसी शर्त (बुकिंग की संख्या देखे बिना) ₹35,000 फिक्स सैलरी दी जाएगी। लेकिन अब कंपनी ने अचानक अपने नियम बदल दिए हैं, जिससे ड्राइवरों का पैसा कट रहा है।
- जेब से भरना पड़ रहा है टोल टैक्स: एक बड़ी परेशानी यह भी है कि कंपनी की टैक्सियों के FASTag में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता। इस वजह से ड्राइवरों को अपनी जेब से टोल का पैसा कैश में भरना पड़ रहा है, और कंपनी वह पैसा रिफंड भी नहीं कर रही है।
कंपनी पर क्या होगा इसका असर?
Green SM को भारतीय बाजार में एक "गेम चेंजर" माना जा रहा था। ऐसे समय में जब ग्राहक ओला-उबर की राइड कैंसिलेशन और पुरानी गाड़ियों से परेशान हैं, Green SM एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी थी।
लेकिन, अपने ही ड्राइवरों द्वारा लगाए गए इन आरोपों से कंपनी की इमेज (Brand Image) को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। अगर ड्राइवर कंपनी छोड़कर जाने लगे, तो सर्विस बुरी तरह प्रभावित होगी।
कंपनी ने क्या बोला?
फिलहाल इस पूरे विवाद पर VinFast या Green SM की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चूंकि विनफास्ट के पास दुनिया के कई देशों में ऐसी सर्विस चलाने का अच्छा अनुभव है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि कंपनी जल्द ही इस मामले में दखल देगी और ड्राइवरों की परेशानी दूर करेगी।