बिहार में बाढ़ का खतरा: नेपाल के पानी से छह जिलों में आफत की आशंका; मुख्य सचिव ने क्या दिए निर्देश?
तिब्बत में GLOF की आशंका के बीच गंडक नदी से जुड़े छह जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर बिहार प्रशासन अलर्ट है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और रातभर तटबंधों की निगरानी के निर्देश दिए। पढ़ें पूरी खबर
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विस्तार
तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण गंडक नदी से जुड़े जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव, प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बैठक हुई।
पूर्वाह्न 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बाद शाम 7:30 बजे मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
SOP के अनुरूप तैयारियां पूरी करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी रखने तथा संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा।
मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को रातभर स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। तटबंधों की निगरानी के लिए चौकीदारों और होमगार्ड जवानों के माध्यम से लगातार पेट्रोलिंग कराने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड में रहने को कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
पांच हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
बैठक में पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर तटबंध के आसपास के इलाकों में माइकिंग कराकर 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक जिले में संचालित सात कम्युनिटी किचन के माध्यम से 1,150 से अधिक लोगों को भोजन कराया गया है।
अन्य जिलों के जिलाधिकारियों ने भी अपनी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था कर ली गई है।
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राहत केंद्रों और कम्युनिटी किचन के लिए स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। साथ ही चिकित्सीय दलों को राहत केंद्रों और कम्युनिटी किचन से संबद्ध कर दिया गया है। जिलाधिकारियों ने बताया कि चौकीदारों और होमगार्ड जवानों के माध्यम से तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्य सचिव की अपील- पैनिक न करें, अफवाहों से बचें
मुख्य सचिव ने आम लोगों से पैनिक न करने और अफवाहों एवं फेक न्यूज से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने आम लोगों से केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करने तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना को प्रसारित करने से बचने की अपील की।