Bihar: 369 प्रखंडों में बनेंगे एससी-एसटी छात्रावास, केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव; दो चरणों में बनेंगे
बिहार सरकार ने पीएम-अजय योजना के तहत 369 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रावास निर्माण का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। योजना दो चरणों में लागू होगी। इससे दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, उच्च शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
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बिहार के 369 प्रखंडों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावास बनाए जाएंगे। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात कर प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत 369 छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव सौंपा। उन्होंने इस प्रस्ताव को शीघ्र सैद्धांतिक स्वीकृति देने का आग्रह किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक सहमति जताई।
मुलाकात के दौरान मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि बिहार सरकार की नीति के तहत राज्य के 211 प्रखंड मुख्यालयों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि सभी प्रखंड मुख्यालयों में प्लस-टू स्तर के मॉडल विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक प्रखंड में छात्रावास की आवश्यकता है।
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उन्होंने बताया कि राज्य के 534 प्रखंडों में फिलहाल केवल 165 प्रखंडों में ही एससी-एसटी छात्रावास संचालित हैं, जबकि 369 प्रखंड अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से छात्रावास निर्माण की योजना बनाई है। प्रस्ताव के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 185 और 2027-28 में 184 छात्रावासों का निर्माण कराया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि नए छात्रावास बनने से दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। सुरक्षित आवासीय व्यवस्था मिलने से पढ़ाई में निरंतरता आएगी, ड्रॉपआउट दर में कमी होगी और उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय की भागीदारी को और मजबूती मिलेगी।