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Bihar News: अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा; एनएच लगाया जाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 06:55 PM IST
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सार
सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद 26 वर्षीय रूबी देवी की मौत हो गई। परिजनों ने ऑपरेशन में लापरवाही और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया और एनएच 327ई को करीब ढाई घंटे तक जाम रखा।
सुपौल में परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद महिला की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद शुक्रवार सुबह 26 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट को जाम कर दिया और परिसर में जमकर हंगामा किया। बाद में शव को एनएच 327ई पर रखकर करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया गया। मृतका की पहचान लतौना दक्षिण पंचायत के कसहा वार्ड-3 निवासी दिनेश यादव की पत्नी रूबी देवी (26) के रूप में हुई है।
सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत, कुछ ही देर में मौत
परिजनों के अनुसार गुरुवार देर रात रूबी देवी का परिवार नियोजन ऑपरेशन हुआ था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. इंद्रदेव यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर ने नशे की हालत में सर्जरी की और बाद में मरीज की ठीक से निगरानी नहीं की। आरोप है कि रात में हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर वरिष्ठ चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं हुआ। हालांकि इन आरोपों पर आरोपी डॉक्टर का पक्ष सामने नहीं आया है।
अस्पताल गेट जाम, एनएच 327ई पर ढाई घंटे तक प्रदर्शन
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ट्रक खड़ा कर आवागमन बाधित कर दिया। इसके बाद पेट्रोल पंप के समीप लालपट्टी पुल के पास एनएच 327ई पर शव रखकर टायर जलाए गए। करीब ढाई घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
अस्पताल और पुलिस गाड़ी में तोड़फोड़
प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा तोड़ दिया। जाम के दौरान मृतका के परिजनों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान एक पुलिस गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार और बीडीओ अभिनव भारती ने समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली।
पढ़ें- Bihar News: कॉलेज के मैदान में अधेड़ का शव मिलने से सनसनी, पास से ‘तनी..हनी..जयश्री’ लिखा पत्र और जहर बरामद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ विभाष कुमार भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। परिजन संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और सरकारी मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। इलाके में अब भी तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
मेडिकल टीम गठित कर होगी जांच
इधर सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही संबंधित दस्तावेज तलब कर लिए गए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर मेडिकल टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक एस. अदीब ने बताया कि गुरुवार को 27 महिलाओं का परिवार नियोजन ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंद्रदेव यादव और उनकी टीम ने किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से पहले सभी महिलाओं की जरूरी चिकित्सीय जांच की जाती है और फिट पाए जाने पर ही सर्जरी की जाती है। बाद में आवश्यक दवाएं भी दी जाती हैं।
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सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत, कुछ ही देर में मौत
परिजनों के अनुसार गुरुवार देर रात रूबी देवी का परिवार नियोजन ऑपरेशन हुआ था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. इंद्रदेव यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर ने नशे की हालत में सर्जरी की और बाद में मरीज की ठीक से निगरानी नहीं की। आरोप है कि रात में हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर वरिष्ठ चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं हुआ। हालांकि इन आरोपों पर आरोपी डॉक्टर का पक्ष सामने नहीं आया है।
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अस्पताल गेट जाम, एनएच 327ई पर ढाई घंटे तक प्रदर्शन
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ट्रक खड़ा कर आवागमन बाधित कर दिया। इसके बाद पेट्रोल पंप के समीप लालपट्टी पुल के पास एनएच 327ई पर शव रखकर टायर जलाए गए। करीब ढाई घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
अस्पताल और पुलिस गाड़ी में तोड़फोड़
प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा तोड़ दिया। जाम के दौरान मृतका के परिजनों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान एक पुलिस गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार और बीडीओ अभिनव भारती ने समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ विभाष कुमार भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। परिजन संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और सरकारी मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। इलाके में अब भी तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
मेडिकल टीम गठित कर होगी जांच
इधर सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही संबंधित दस्तावेज तलब कर लिए गए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर मेडिकल टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक एस. अदीब ने बताया कि गुरुवार को 27 महिलाओं का परिवार नियोजन ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंद्रदेव यादव और उनकी टीम ने किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से पहले सभी महिलाओं की जरूरी चिकित्सीय जांच की जाती है और फिट पाए जाने पर ही सर्जरी की जाती है। बाद में आवश्यक दवाएं भी दी जाती हैं।