बिहार: दो प्रसूताओं की मौत के बाद जमुई में बड़ी कार्रवाई, नीमा का जीपी पॉलिक्लिनिक सील; जानें पूरा मामला
जमुई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासन ने निजी क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नीमा स्थित GP पॉलिक्लिनिक में छापेमारी के दौरान डॉक्टर की अनुपस्थिति और दस्तावेजों से जुड़ी खामियां मिलने पर उसे सील कर चार मरीज सदर अस्पताल भेजे गए।
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जमुई सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार देर शाम जमुई-खैरा मार्ग के नीमा स्थित GP पॉलिक्लिनिक पर SDM सौरभ कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की। टीम में CO, BDO और पुलिस बल के जवान भी शामिल थे।
जांच के दौरान प्रशासन ने क्लीनिक में कई अनियमितताएं मिलने की बात कही। प्रशासन के अनुसार, छापेमारी के समय क्लीनिक में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. संजीव कुमार, डॉ. मनीष कुमार और डॉ. आफताब आलम के नाम दर्ज थे, लेकिन इनमें से कोई डॉक्टर मौके पर नहीं मिला। इसके अलावा क्लीनिक के वैध रजिस्ट्रेशन, आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद SDM के निर्देश पर GP पॉलिक्लिनिक को तत्काल सील कर दिया गया।
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कार्रवाई के दौरान क्लीनिक में चार मरीज भर्ती मिले। प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को एंबुलेंस से जमुई सदर अस्पताल भेज दिया, जहां उनका उपचार कराने की व्यवस्था की गई।
इससे एक दिन पहले प्रसूता मौत मामले में चर्चा में आए डॉ. शालिनी सिंह के निजी क्लीनिक मातृत्व सेवा सदन को भी प्रशासन ने सील किया था। लगातार दो दिनों में दो निजी क्लीनिकों पर कार्रवाई के बाद जिले के निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हड़कंप की स्थिति है।
इधर, प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में IMA ने आपात बैठक की। एसोसिएशन ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई और डीएम व सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। प्रशासन और चिकित्सकों के बीच इस कार्रवाई को लेकर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।