गंगा तट पर आस्था की गूंज: सिमरिया धाम में कल्पवास मेला शुरू, छठ व कार्तिक पूर्णिमा पर सुरक्षा के खास इंतजाम
बेगूसराय के प्रसिद्ध सिमरिया धाम में रविवार को राजकीय कल्पवास मेला-2026 का शुभारंभ हुआ। डीएम रिची पांडेय और एसपी मनीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
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बिहार के प्रसिद्ध तीर्थस्थल सिमरिया धाम में रविवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के बीच राजकीय कल्पवास मेला-2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा बेगूसराय जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक माह से अधिक अवधि तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उद्घाटन के साथ ही गंगा तट पर धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल बन गया। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से कल्पवासियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
आस्था और संस्कृति का प्रतीक है सिमरिया धाम
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम रिची पांडेय ने कहा कि सिमरिया धाम केवल बेगूसराय ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। गंगा तट पर स्थित इस पावन स्थल का प्राचीन काल से विशेष धार्मिक महत्व रहा है। राजकीय कल्पवास मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले कल्पवासियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
18 अक्तूबर से 24 नवंबर तक चलेगा मेला
18 अक्तूबर से 24 नवंबर 2026 तक चलने वाले कल्पवास मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता, स्वास्थ्य शिविर, गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले की पूरी अवधि में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
छठ और कार्तिक पूर्णिमा पर रहेगी विशेष निगरानी
मेले के दौरान दीपावली, प्रथम, द्वितीय और तृतीय परिक्रमा, लोक आस्था के महापर्व छठ तथा कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां की हैं। मेला परिसर, प्रमुख स्नान घाटों और संपर्क मार्गों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
छठ के नहाय-खाय, खरना और दोनों अर्घ्य के दौरान घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नदी में गश्त, आवागमन सुगम बनाने और भीड़ नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वंदे मातरम् से हुआ आगाज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
उद्घाटन समारोह की शुरुआत सामूहिक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पारंपरिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के अंत में मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। राजकीय कल्पवास मेले के शुभारंभ के साथ ही सिमरिया धाम में गंगा स्नान, साधना, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला तेज होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और गंगा में स्नान के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की है, ताकि आस्था का यह महापर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।