Bihar News: सड़कों पर सन्नाटा, हवाओं में सिहरन… पश्चिम चंपारण में शीत लहर का प्रक्रोप
पश्चिम चंपारण में तेज ठंड और घने कोहरे ने आम लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना दिया है। कम दृश्यता के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ, वहीं सर्द हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी। लोग अलाव का सहारा लेते दिखे, जिससे प्रदूषण भी बढ़ा है और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव महसूस किया जा रहा है।
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पश्चिम चंपारण जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार की सुबह से ही जिलेभर में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़क और रेल यातायात पर व्यापक असर पड़ा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण मुख्य सड़कों पर वाहन हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलते नजर आए, जबकि कई इलाकों में सड़कें लगभग सूनी दिखाई दीं।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया है, जिससे खासकर सुबह और शाम के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत के बीच रही, वहीं घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 0.5 से 1 किलोमीटर तक सिमट गई। ठंड और कोहरे से बचाव के लिए लोग जगह-जगह लकड़ी, कचरा और पुराने टायर जलाकर अलाव तापते नजर आए। हालांकि इससे निकलने वाला धुआं वातावरण को और प्रदूषित कर रहा है, जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर पड़ रहा है।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ठंड और प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। सीएचसी मैनाटाड़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार चौधरी ने बताया कि ठंड के मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं बढ़ते AQI के कारण दमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज भी पहले से ज्यादा अस्पताल पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर, किसानों के लिए मौजूदा मौसम राहत भरा साबित हो रहा है। वरिष्ठ नागरिक सराजुल अंसारी, हारून मियां, शिक्षक फरहाद हुसैन और अतिरसुल अंसारी का कहना है कि ठंड और कुहासे का फसलों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। बल्कि कुहासा पड़ने से गेहूं, सरसों समेत अन्य रबी फसलों को फायदा हो रहा है। हल्की सिंचाई से फसलों की बढ़वार बेहतर हो रही है, जिससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि आने वाले कुछ दिनों तक पश्चिम चंपारण में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और विशेष रूप से सुबह तथा देर शाम के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।