The Bonus Market Update: बढ़त के साथ बंद हुआ घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 266 अंक चढ़ा, निफ्टी 25600 के पार
Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को हरे निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 266.47 अंक उछलकर 83,580.40 अंक पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 50.90 अंक की बढ़त के साथ 25,693.70 पर बंद हुआ।
विस्तार
आरबीआई की एमपीसी फैसलों के एलान के बाद भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा। साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए वित्तपोषण का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
केंद्रीय बैंक ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को बैंकों से कर्ज देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि इसके लिए कुछ प्रूडेंशियल सेफगार्ड्स लागू होंगे। इस कदम का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर के लिए फंडिंग पूल को गहरा करना और दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहन देना है। नीति निर्णय अनुमान के अनुरूप रहने से बाजार में अनिश्चितता घटी, जबकि आरईआईटी को कर्ज सुविधा से संबंधित घोषणा ने रियल एस्टेट और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी को समर्थन दिया।
- अंतिम समय में हुई खरीदारी की बदौलत, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 266.47 अंक या 0.32 प्रतिशत बढ़कर 83,580.40 पर बंद हुआ। दिन के निचले स्तर 82,925.35 से यह सूचकांक कारोबार के अंत तक 655.05 अंक चढ़ गया।
- अस्थिर सत्र में 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 50.90 अंक या 0.20 प्रतिशत चढ़कर 25,693.70 पर बंद हुआ।
- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 36 पैसे गिरकर 90.70 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
आरबीआई ने ब्याज दरों को 5.25 पर रखा बरकरार
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को उम्मीद के मुताबिक अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा, क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण योग्य स्तर पर बनी रही और बजट में सरकारी खर्च में वृद्धि और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद टैरिफ दबाव में कमी के कारण विकास संबंधी चिंताएं कम हो गईं।
केंद्रीय बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से पुनर्खरीद या रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया। आरबीआई ने अपनी तटस्थ नीतिगत स्थिति बरकरार रखी, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल यह यथास्थिति बनाए रखेगी।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
- सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में से आईटीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.09 प्रतिशत की उछाल आई।
- कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और बजाज फिनसर्व अन्य प्रमुख लाभ पाने वालों में शामिल थे।
- वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, अदानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, इटरनल और एचसीएल टेक प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
यूरोपीय बाजारों में दिखी तेजी तो अमेरिकी बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में अधिकतर तेजी देखी गई।
गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.23 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार सत्र के अधिकांश समय सुस्त रहे, लेकिन बाद में एफएमसी और निजी बैंकिंग शेयरों में चुनिंदा खरीदारी के कारण उनमें तेजी आई। इसके विपरीत, घरेलू आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन लगातार खराब रहा। उन्होंने कहा कि आरबीआई की नीतिगत घोषणा मोटे तौर पर उम्मीदों के अनुरूप थी, जिसमें ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रखते हुए सकारात्मक विकास दृष्टिकोण को दोहराया गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि हालांकि, आरबीआई द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद कि बैंकों को आरईआईटी को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी, जिससे रियल एस्टेट और क्रेडिट इकोसिस्टम के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण की स्पष्टता बढ़ेगी, नियामक स्पष्टता से भावना को समर्थन मिला।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 68.34 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंंचा
- वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.20 प्रतिशत बढ़कर 68.34 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।
- एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 2,150.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- गुरुवार को सेंसेक्स 503.76 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 83,313.93 पर बंद हुआ। निफ्टी 133.20 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,642.80 पर समाप्त हुआ।
