Live
2026 की पहली एमपीसी बैठक: RBI ने नहीं किया ब्याज दरों में बदलाव, गवर्नर मल्होत्रा ने बताई देश की आर्थिक सेहत
{"_id":"69856d32c43b946f9f0468fe","slug":"rbi-mpc-meet-2026-updates-governor-sanjay-malhotra-repo-rate-emi-home-loan-2026-02-06","type":"live","status":"publish","title_hn":"2026 की पहली एमपीसी बैठक: RBI ने नहीं किया ब्याज दरों में बदलाव, गवर्नर मल्होत्रा ने बताई देश की आर्थिक सेहत","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रिया दुबे
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:09 PM IST
विज्ञापन
खास बातें
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने द्विमासिक नीति पर मंथन पूरा कर लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत दरों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया गया है।
एमपीसी की प्रमुख बातें
- फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
Trending Videos
लाइव अपडेट
02:05 PM, 06-Feb-2026
एमपीसी फैसला बाजार अनुमान के अनुरूप, विशेषज्ञों की राय
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा कि नतीजे दरों और नीति रुख दोनों मोर्चों पर पूरी तरह बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहे। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए महंगाई के अनुमान में मामूली बढ़ोतरी की गई है। हालांकि नई सीरीज के आंकड़ों का इंतजार होने के कारण विकास और महंगाई के अनुमानों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही, जिंस कीमतों में तेजी और कमजोर मुद्रा से महंगाई पर ऊपर की ओर जोखिम पैदा हो सकते हैं। भारद्वाज के मुताबिक, इन परिस्थितियों में रेपो दर में आगे अतिरिक्त ढील की गुंजाइश सीमित दिखती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में आरबीआई का फोकस तरलता मोर्चे पर स्थिरता बनाए रखने पर रहने की संभावना है।
01:39 PM, 06-Feb-2026
विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
आरबीआई ने बताया कि जिन कंपनियों का सीधा आम ग्राहकों से लेनदेन सीमित है और उनका कार्यक्षेत्र भी सीमित है, ऐसे कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है।01:09 PM, 06-Feb-2026
किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार
किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। यह लाभ ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए आरबीआई इसके नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा किसानों तक सस्ते कर्ज को आसानी से पहुंचाना है। आरबीआई इसके बारे में एक पोर्टल जारी करेगा।12:52 PM, 06-Feb-2026
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से मर्चेंडाइज निर्यात को मिलेगी रफ्तार
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि हाल में संपन्न भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के मर्चेंडाइज (वस्तु) निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) के अपने बयान में उन्होंने कहा कि जहां सेवा निर्यात मजबूत बना रहने की संभावना है, वहीं अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार सौदे से वस्तु निर्यात में गति आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईयू के साथ व्यापक और ऐतिहासिक व्यापार समझौता, साथ ही न्यूजीलैंड और ओमान के साथ हुए करार, निर्यात के विविधीकरण में मदद करेंगे और देश के बाह्य क्षेत्र को मजबूत बनाएंगे।11:35 AM, 06-Feb-2026
डिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का बड़ा प्रस्ताव
डिजिटल भुगतान में बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए आरबीआई ने ग्राहकों को राहत देने की दिशा में एक अहम प्रस्ताव रखा है। आरबीआई ने छोटे मूल्य की धोखाधड़ी वाले लेनदेन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को ₹25,000 तक मुआवजा देने का एक ढांचा लाने का प्रस्ताव किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों पर काबू पाने के लिए अब तक कई कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय बैंक डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी जारी करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उपायों में लेयर्ड क्रेडिट लिमिट, और अतिरिक्त प्रमाणीकरण जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए अलग और कड़े सुरक्षा प्रावधान लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
11:19 AM, 06-Feb-2026
तरलता और बॉन्ड बाजार पर RBI का भरोसा
आरबीआई ने देश में तरलताकी स्थिति और बॉन्ड मार्केट के रुझानों पर अपना आकलन साझा किया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि वह अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायक रुख बनाए रखेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि प्रणालीगत तरलता औसतन प्रतिदिन लगभग 75,000 करोड़ रुपये के स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर-जनवरी के दौरान तरलता बढ़ाने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए।गवर्नर ने बॉन्ड मार्केट की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले आठ महीनों में सरकारी बॉन्ड (G-Sec) यील्ड में लगातार सख्ती देखी गई है, जो वैश्विक रुझानों को दर्शाती है। आगे की नीति को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का रुख आगे भी सहयोगात्मक रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक तरलता प्रबंधन में सक्रिय रहेगा ताकि अर्थव्यवस्था की उत्पादक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। आरबीआई ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता विकास को समर्थन देने के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता बनाए रखना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
11:07 AM, 06-Feb-2026
'मिशन सक्षम', शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए RBI की नई पहल
रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों को सशक्त और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM)’ नामक एक नई पहल की घोषणा की है।10:42 AM, 06-Feb-2026
आरबीआई की क्या है नई नियामकीय पहल?
आरबीआई ग्राहक संरक्षण को मजबूत करने, वित्तीय समावेशन का दायरा बढ़ाने और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) व शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से नई नियामकीय पहलों को आगे बढ़ाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि आगामी सुधारों का फोकस ग्राहक सुरक्षा, उन्नत वित्तीय समावेशन और यूज़-बेस्ड रेगुलेशन पर होगा। इसके तहत UCBs के संचालन को अधिक सुगम बनाने, NBFCs के कारोबारी माहौल में सुधार और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ वित्तीय बाजारों को गहराई देने के कदम उठाए जाएंगे। RBI ने बताया कि इस दिशा में तीन अलग-अलग क्षेत्रों को कवर करने वाले तीन मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिन पर हितधारकों से सुझाव मांगे जाएंगे।10:39 AM, 06-Feb-2026
आरबीआई के ब्याज दर फैसले पर भारतीय बाजारों की प्रतिक्रिया
नीतिगत दरों के एलान के बाद घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 300 से अधिक अंक टूटकर 83,003 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 121.55 अंक टूटा 25600 अंक के नीचे आ गए।10:28 AM, 06-Feb-2026
कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार से मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बल, FDI के लिए भारत पसंदीदा गंतव्य
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र के बेहतर होते प्रदर्शन और असंगठित क्षेत्र में बनी हुई गति से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि घरेलू मांग और उत्पादन से जुड़े संकेतक अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। गवर्नर ने यह भी कहा कि भारत ग्रीनफील्ड विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) परियोजनाओं के लिए लगातार एक पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है, जो देश की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को लेकर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि भारत का बाह्य क्षेत्र (एक्सटर्नल सेक्टर) भी मजबूत और लचीला बना हुआ है।
