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2026 की पहली एमपीसी बैठक: RBI ने नहीं किया ब्याज दरों में बदलाव, गवर्नर मल्होत्रा ने बताई देश की आर्थिक सेहत
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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रिया दुबे
Updated Fri, 06 Feb 2026 04:16 PM IST
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खास बातें
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने द्विमासिक नीति पर मंथन पूरा कर लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत दरों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया गया है।
एमपीसी की प्रमुख बातें
- फोटो : Amar Ujala
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लाइव अपडेट
04:12 PM, 06-Feb-2026
आरईआईटी को बैंक लोन देने का रास्ता खुल सकता है, आरबीआई ने प्रस्ताव रखा
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि केंद्रीय बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) को ऋण देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, यह अनुमति कड़े और विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के अधीन होगी।
गवर्नर ने कहा कि यह कदम इसलिए प्रस्तावित किया गया है क्योंकि अब सूचीबद्ध आरईआईटी के लिए एक मजबूत नियामकीय और गवर्नेंस फ्रेमवर्क मौजूद है, जिससे जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता में सुधार हुआ है। आरबीआई के अनुसार, भारत में आरईआईटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) को मुख्य रूप से पूरे हो चुके या परिचालन में आ चुके रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में बैंकों की पूंजी को मुक्त करने के उद्देश्य से लाया गया था। इन ट्रस्ट्स में परियोजनाओं की फंडिंग संस्थागत और रिटेल निवेशकों द्वारा की जाती है। इसी वजह से अब तक बैंकों को आरईआईटी की फंडिंग से दूर रखा गया था। हालांकि, समय के साथ इनविट्स के मामले में बैंकिंग फंडिंग की अनुमति दे दी गई, लेकिन आरईआईटी को इससे बाहर रखा गया।
गवर्नर ने कहा कि यह कदम इसलिए प्रस्तावित किया गया है क्योंकि अब सूचीबद्ध आरईआईटी के लिए एक मजबूत नियामकीय और गवर्नेंस फ्रेमवर्क मौजूद है, जिससे जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता में सुधार हुआ है। आरबीआई के अनुसार, भारत में आरईआईटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) को मुख्य रूप से पूरे हो चुके या परिचालन में आ चुके रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में बैंकों की पूंजी को मुक्त करने के उद्देश्य से लाया गया था। इन ट्रस्ट्स में परियोजनाओं की फंडिंग संस्थागत और रिटेल निवेशकों द्वारा की जाती है। इसी वजह से अब तक बैंकों को आरईआईटी की फंडिंग से दूर रखा गया था। हालांकि, समय के साथ इनविट्स के मामले में बैंकिंग फंडिंग की अनुमति दे दी गई, लेकिन आरईआईटी को इससे बाहर रखा गया।
03:25 PM, 06-Feb-2026
आरबीआई की मौद्रिक नीति से ग्रोथ-इन्फ्लेशन पर भरोसा
एमपीसी के फैसले को देश की ग्रोथ-इन्फ्लेशन स्थिति पर भरोसे का संकेत बताते हुए क्रिसिल के प्रमुख अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक रफ्तार और महंगाई के धीरे-धीरे सामान्य होने से तटस्थ रुख जारी रखने का आधार मजबूत है।
जोशी ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि नीति का रुख न्यूट्रल ही रहेगा। दरों में बदलाव न करने का मतलब है कि समिति विकास और महंगाई के नतीजों से संतुष्ट है। अगर नीति वक्तव्य के रुख को देखें तो महंगाई और विकास दोनों के अनुमानों में हल्का इजाफा किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में भी अर्थव्यवस्था की संभावित वृद्धि क्षमता करीब 7 प्रतिशत बताई गई थी, और आरबीआई के अनुमान भी इसी दायरे में हैं।
जोशी ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि नीति का रुख न्यूट्रल ही रहेगा। दरों में बदलाव न करने का मतलब है कि समिति विकास और महंगाई के नतीजों से संतुष्ट है। अगर नीति वक्तव्य के रुख को देखें तो महंगाई और विकास दोनों के अनुमानों में हल्का इजाफा किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ दिन पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में भी अर्थव्यवस्था की संभावित वृद्धि क्षमता करीब 7 प्रतिशत बताई गई थी, और आरबीआई के अनुमान भी इसी दायरे में हैं।
02:05 PM, 06-Feb-2026
एमपीसी फैसला बाजार अनुमान के अनुरूप, विशेषज्ञों की राय
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा कि नतीजे दरों और नीति रुख दोनों मोर्चों पर पूरी तरह बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहे। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए महंगाई के अनुमान में मामूली बढ़ोतरी की गई है। हालांकि नई सीरीज के आंकड़ों का इंतजार होने के कारण विकास और महंगाई के अनुमानों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही, जिंस कीमतों में तेजी और कमजोर मुद्रा से महंगाई पर ऊपर की ओर जोखिम पैदा हो सकते हैं। भारद्वाज के मुताबिक, इन परिस्थितियों में रेपो दर में आगे अतिरिक्त ढील की गुंजाइश सीमित दिखती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में आरबीआई का फोकस तरलता मोर्चे पर स्थिरता बनाए रखने पर रहने की संभावना है।
01:39 PM, 06-Feb-2026
विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
आरबीआई ने बताया कि जिन कंपनियों का सीधा आम ग्राहकों से लेनदेन सीमित है और उनका कार्यक्षेत्र भी सीमित है, ऐसे कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है।01:09 PM, 06-Feb-2026
किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार
किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। यह लाभ ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए आरबीआई इसके नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा किसानों तक सस्ते कर्ज को आसानी से पहुंचाना है। आरबीआई इसके बारे में एक पोर्टल जारी करेगा।12:52 PM, 06-Feb-2026
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से मर्चेंडाइज निर्यात को मिलेगी रफ्तार
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि हाल में संपन्न भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के मर्चेंडाइज (वस्तु) निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) के अपने बयान में उन्होंने कहा कि जहां सेवा निर्यात मजबूत बना रहने की संभावना है, वहीं अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार सौदे से वस्तु निर्यात में गति आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईयू के साथ व्यापक और ऐतिहासिक व्यापार समझौता, साथ ही न्यूजीलैंड और ओमान के साथ हुए करार, निर्यात के विविधीकरण में मदद करेंगे और देश के बाह्य क्षेत्र को मजबूत बनाएंगे।
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11:35 AM, 06-Feb-2026
डिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का बड़ा प्रस्ताव
डिजिटल भुगतान में बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए आरबीआई ने ग्राहकों को राहत देने की दिशा में एक अहम प्रस्ताव रखा है। आरबीआई ने छोटे मूल्य की धोखाधड़ी वाले लेनदेन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को ₹25,000 तक मुआवजा देने का एक ढांचा लाने का प्रस्ताव किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों पर काबू पाने के लिए अब तक कई कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय बैंक डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी जारी करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उपायों में लेयर्ड क्रेडिट लिमिट, और अतिरिक्त प्रमाणीकरण जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए अलग और कड़े सुरक्षा प्रावधान लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
11:19 AM, 06-Feb-2026
तरलता और बॉन्ड बाजार पर RBI का भरोसा
आरबीआई ने देश में तरलताकी स्थिति और बॉन्ड मार्केट के रुझानों पर अपना आकलन साझा किया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि वह अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायक रुख बनाए रखेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि प्रणालीगत तरलता औसतन प्रतिदिन लगभग 75,000 करोड़ रुपये के स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर-जनवरी के दौरान तरलता बढ़ाने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए।गवर्नर ने बॉन्ड मार्केट की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले आठ महीनों में सरकारी बॉन्ड (G-Sec) यील्ड में लगातार सख्ती देखी गई है, जो वैश्विक रुझानों को दर्शाती है। आगे की नीति को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का रुख आगे भी सहयोगात्मक रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक तरलता प्रबंधन में सक्रिय रहेगा ताकि अर्थव्यवस्था की उत्पादक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। आरबीआई ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता विकास को समर्थन देने के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता बनाए रखना है।
11:07 AM, 06-Feb-2026
'मिशन सक्षम', शहरी सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए RBI की नई पहल
रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों को सशक्त और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM)’ नामक एक नई पहल की घोषणा की है।10:42 AM, 06-Feb-2026
