The Bonus Market Update: उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ घरेलू शेयर बाजार; जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
Sensex-Nifty Closing Bell: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स 40.28 अंक गिरकर 84,233.64 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 18.70 अंक बढ़कर 25,953.85 अंक पर आ गया।
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बुधवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सपाट बंद हुए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ऑटो शेयरों में हुई बढ़त को आईटी शेयरों में हुई गिरावट ने बेअसर कर दिया।
सीमित दायरे में कारोबार करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 40.28 अंक या 0.05 प्रतिशत गिरकर 84,233.64 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसने 84,487.34 का उच्च स्तर और 84,081.25 का निम्न स्तर छुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 18.70 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 25,953.85 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इटरनल, आईटीसी, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, अदानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
दूसरी ओर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मास्यूटिकल्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
जोरदार तेजी के बाद घरेलू बाजार में स्थिरता आ सकती है
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के चलते इस सप्ताह की जोरदार तेजी के बाद घरेलू शेयर बाजार में थोड़े समय के लिए स्थिरता आ सकती है। बाजार का ध्यान अब तीसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों, आगामी मासिक मुद्रास्फीति आंकड़ों और व्यापार समझौते के बारीक विवरणों पर वापस केंद्रित हो गया है, जिसके अंतिम रूप दिए जाने की खबरें आ रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऑटो और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में मजबूती उम्मीद से बेहतर कमाई को दर्शाती है, जबकि एआई से संबंधित अस्थिरता के चलते वैश्विक स्तर पर आई बिकवाली के कारण आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। व्यापक बाजारों में गिरावट देखी गई, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मामूली गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुदरा बिक्री में कमजोरी और एआई से संबंधित लगातार व्यवधानों के कारण वैश्विक स्तर पर बाजार का माहौल सतर्क बना रहा, जिससे महत्वपूर्ण अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम लेने से बच रहे थे।"
नायर ने कहा कि इस बीच, घरेलू बाजारों को एफआईआई प्रवाह में सुधार से लाभ मिलना शुरू हो गया है, जो सकारात्मक हो गया है और जीडीपी पूर्वानुमान में वृद्धि और भारत के मूल्यांकन में नरमी के कारण इसके जारी रहने की उम्मीद है। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 90.70 पर बंद हुआ।
यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। जापान के बाजार राष्ट्रीय स्थापना दिवस के कारण बंद रहे। सत्र के मध्य में हुए कारोबार में यूरोपीय बाजार अधिकतर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 69.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.44 प्रतिशत बढ़कर 69.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 69.45 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने एफआईआई को पीछे छोड़ते हुए 1,174.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, यह जानकारी एक्सचेंज के आंकड़ों से मिली है। मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 208.17 अंक चढ़कर 84,273.92 पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 67.85 अंक चढ़कर 25,935.15 पर समाप्त हुआ।