White Collar Jobs: क्विक-कॉमर्स में व्हाइट-कॉलर नौकरियां 21 फीसदी बढ़ीं, जानें किन क्षेत्रों में मांग है तेज
भारत के क्विक-कॉमर्स सेक्टर में व्हाइट-कॉलर नौकरियों में सालाना 21% की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल जॉब पोस्टिंग में इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 14% हो गई है। फाउंडइट की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां अब सिर्फ विस्तार पर नहीं, बल्कि डेटा-आधारित निर्णय, परिचालन दक्षता और एआई पर जोर दे रही हैं।
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भारत के क्विक-कॉमर्स सेक्टर में तेजी से नौकरियां बढ़ रही हैं। इसमें सालाना आधार पर 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह जानकारी जॉब पोर्टल फाउंडइट की रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक क्विक-कॉमर्स कंपनियों की कुल जॉब पोस्टिंग में अब व्हाइट-कॉलर भूमिकाओं की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कंपनियां अब केवल तेजी से विस्तार पर नहीं, बल्कि डेटा-आधारित निर्णय, परिचालन दक्षता और पूर्वानुमान की सटीकता पर ज्यादा जोर दे रही हैं।
पैमाना बढ़ाने की रणनीति से हटकर दक्षता और एआई की ओर जारी रही दिशा
फाउंडइट की मार्केटिंग उपाध्यक्ष अनुपमा भीमराजका ने कहा कि भारत का क्विक-कॉमर्स सेक्टर अब पैमाना बढ़ाने की रणनीति से हटकर दक्षता और इंटेलिजेंस-आधारित विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, डेटा एनालिटिक्स, प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन स्ट्रेटेजी से जुड़े पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि कंपनियां इन्वेंट्री मूवमेंट को बेहतर बनाने और ग्राहक अनुभव मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।
मासिक आधार और वार्षिक आधार के आंकड़े में दिखा अंतर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जनवरी 2026 में विभिन्न उद्योगों में कुल व्हाइट-कॉलर भर्ती मासिक आधार 2 प्रतिशत घटी, हालांकि सालाना आधार पर इसमें 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी और डार्क-स्टोर भूमिकाएं अब भी कुल हेडकाउंट का बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन रणनीतिक और तकनीकी भूमिकाएं तेजी से केंद्र में आ रही हैं।
किन-किन क्षेत्रों में बढ़ रही मांग?
- डेटा और एनालिटिक्स आधारित भूमिकाएं व्हाइट-कॉलर सेगमेंट में सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी रहीं। इनकी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही और पोस्टिंग में सालाना 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- इसके बाद प्रोडक्ट और ऑपरेशंस टेक भूमिकाओं की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत रही, जिनमें 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- सप्लाई चेन और नेटवर्क प्लानिंग भूमिकाओं की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही और इनमें 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।
- डिमांड फोरकास्टिंग एनालिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर और नेटवर्क प्लानिंग मैनेजर जैसी भूमिकाएं सबसे तेजी से बढ़ने वाली नौकरियों में शामिल रहीं।
- शहरों के लिहाज से बंगलूरू क्विक-कॉमर्स व्हाइट-कॉलर नौकरियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां हर चार में से एक नौकरी मौजूद है।
- वहीं हैदराबाद ने औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की, जिसे ऑप्स-टेक और स्केलेबल प्लानिंग से जुड़ी भूमिकाओं ने बढ़ावा दिया।