सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   The world is moving towards reducing US dependence; the EU-India FTA will create a common market

FTA: अमेरिकी निर्भरता घटाने की ओर बढ़ रहा विश्व, ईयू-भारत एफटीए से दो अरब उपभोक्ताओं का साझा बाजार होगा तैयार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Wed, 11 Feb 2026 03:07 PM IST
विज्ञापन
सार

ईयू और भारत के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता करीब दो अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक जीडीपी के एक-चौथाई हिस्से को जोड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता बहुध्रुवीय और ‘पोस्ट-यूएस’ वैश्विक व्यवस्था की दिशा में बड़ा संकेत है, जिससे रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी मजबूत होगी।

The world is moving towards reducing US dependence; the EU-India FTA will create a common market
भारत-ईयू एफटीए - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार

यूरोपीय संघ और भारत के बीच हाल में घोषित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की एक रिपोर्ट में इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा गया है कि यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्रीय संप्रभुता पर दबाव, दंडात्मक टैरिफ और बहुपक्षीय संस्थाओं की कमजोरी जैसे कारक नई विश्व व्यवस्था का संकेत दे रहे हैं।

Trending Videos

समझौते में क्या है खास?

यह व्यापार समझौता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और भारत के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त रूप से घोषित किया गया। समझौते के तहत करीब दो अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक जीडीपी के लगभग एक-चौथाई हिस्से को जोड़ने वाला साझा आर्थिक ढांचा तैयार होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन


कोपेनहेगन विश्वविद्यालय की एशियन स्टडीज प्रोफेसर रविंदर कौर ने लिखा है कि भारत-ईयू साझेदारी का व्यापक दायरा बहुपक्षीय संस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता, सुरक्षा व रक्षा सहयोग, अनुसंधान, गतिशीलता, कनेक्टिविटी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते जुड़ाव की दिशा में बढ़ती समानता को दर्शाता है। उनके अनुसार, जैसे-जैसे अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध की ओर सिमट रहा है, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र यूरोपीय संघ के साथ नए सहयोग के लिए अधिक खुला होता जा रहा है।

पोस्ट-यूएस विश्व का स्वरूप अब आकार लेने लगा है

रिपोर्ट में कहा गया है कि 'पोस्ट-यूएस विश्व' का स्वरूप अब आकार लेने लगा है और ईयू-भारत का यह व्यापक व्यापार समझौता उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। हाल ही में ब्रुसेल्स ने दक्षिण अमेरिकी व्यापार समूह मर्कोसुर के साथ भी व्यापार समझौता किया है, जबकि कई अन्य समझौते प्रक्रिया में हैं। दूसरी ओर, भारत ने हाल के महीनों में यूके और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौते किए हैं।


रविंदर कौर के अनुसार, भले ही ऐसे समझौतों के अनुमोदन और क्रियान्वयन में समय लगे या बीच में अड़चनें आएं जैसे ईयू-मर्कोसुर समझौते में देरी फिर भी यह बदलाव स्पष्ट है। उनके मुताबिक, बहुध्रुवीयता, रणनीतिक स्वायत्तता और डॉलर-निर्भरता में कमी जैसे विचार, जिनकी लंबे समय से पश्चिम से बाहर के कई देश कल्पना करते रहे हैं, अब तेजी से आकार ले रहे हैं।

भारत-ईयू एफटीए ने अमेरिका को भी व्यापार समझौता करने के लिए प्रेरित किया

इसी बीच, न्यूयॉर्क स्थित एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (ASPI) में साउथ एशिया इनिशिएटिव्स की निदेशक फरवा आमेर का कहना है कि भारत-ईयू एफटीए ने अमेरिका को भी भारत के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया हो सकता है। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पहले से जारी थी, लेकिन ईयू के साथ हुए समझौते ने उसे गति देने का काम किया। उन्होंने कहा कि समय का संयोग उल्लेखनीय है क्योंकि यह समझौता सीधे ईयू-एफटीए के बाद सामने आया है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed