The Bonus Market Update: शुरुआती बढ़त गंवा सपाट बंद हुए बेंचमार्क सूचकांक, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी में क्या हुआ
The Bonus Market Update: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में शुरुआत तो अच्छी हुई, पर बेंचमार्क सूचकांक इसे अंत तक बरकरार नहीं रख पाए। क्लोजिंग से पहले क्या हुआ, इए जानते हैं बाजार का हाल विस्तार से।
विस्तार
घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त के बावजूद बुधवार को सपाट क्लोजिंग हुई। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक अपनी बढ़त के सिलसिले को बरकरार नहीं रख पाए और मामूली बढ़त के साथ बस हरे निशान पर बंद भर हो सके। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 50.15 अंकों की बढ़त के साथ 82.276.07 जबकि निफ्टी 57.85 अंक चढ़कर 25,482.50 के स्तर पर बंद हुआ। बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 90.95 (अस्थायी) के स्तर पर स्थिर रहा।
मंगलवार की भारी गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने वापसी की कोशिश की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सका। दिनभर के भारी उतार-चढ़ाव के बाद बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स ने 731.99 अंकों (0.89 प्रतिशत) की शानदार छलांग लगाते हुए 82,957.91 का उच्च स्तर छुआ था, लेकिन आखिरी घंटों में यह बढ़त कायम नहीं रह सकी। इससे पिछले सत्र (मंगलवार) में सेंसेक्स 1,068.74 अंक (1.28 प्रतिशत) और निफ्टी 288.35 अंक (1.12 प्रतिशत) टूटकर बंद हुए थे।
किन शेयरों और सेक्टर्स का हाल?
- सेंसेक्स पैक में शामिल कई कंपनियों के शेयरों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई।
- मुनाफे वाले शेयर: एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंटरग्लोब एविएशन, सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई।
- नुकसान वाले शेयर: दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अदाणी पोर्ट्स और इटरनल के शेयरों में गिरावट का रुख रहा और ये लाल निशान में बंद हुए।
बाजार पर विशेषज्ञों की राय
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और अमेरिकी टेक शेयरों में एआई संबंधी अनिश्चितता कम होने से भारतीय बाजार गैप-अप के साथ खुले थे। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि बैंक ऑफ जापान के नरम रुख ने एशियाई बाजारों को समर्थन दिया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ केंद्रित नई टिप्पणियों और रुपये के मूल्यह्रास के कारण बाजार ने अपनी शुरुआती मजबूती खो दी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, किसी मजबूत घरेलू ट्रिगर के अभाव और मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों ने आक्रामक रुख अपनाने से परहेज किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली ने बाजार की धारणा को काफी प्रभावित किया।
जानिए दुनिया के बाजार में क्या चल रहा
वैश्विक बाजार की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भारी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार भी सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
एक्सचेंज डेटा के अनुसार, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 102.53 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को समर्थन देते हुए 3,161.22 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इस बीच, वैश्विक कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.14 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 70.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
बुधवार का कारोबारी सत्र इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक व्यापार चिंताओं और टैरिफ जैसे भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण भारतीय बाजारों में अब भी अस्थिरता बनी हुई है। आगे चलकर निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक ट्रिगर्स पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।