The Bonus Market Update: चार दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान पर बाजार बंद; सेंसेक्स 383 अंक चढ़ा, जानें सबकुछ
चार दिन की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को रौनक लौट आई है। टीसीएस और इंफोसिस जैसे आईटी शेयरों की बदौलत सेंसेक्स 382 अंक उछला। शेयर बाजार की पूरी खबर और एक्सपर्ट्स की राय जानने के लिए अभी पढ़ें।
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घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार को लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 383 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी 23,450 के पार पहुंच गया। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 382.50 (0.51%) अंकों की बढ़त के साथ 74,649.84 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 100.96 (0.43%) अंक मजबूत होकर 23,483.55 पर पहुंचने में सफल रहा। इस दौरान एचसीएल टेक में 4% और अदाणी एंटरटेनमेंट में दो प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे गिरकर 95.28 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी की शानदार रिकवरी
मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार ने शुरुआती नुकसान से उबरते हुए मजबूत वापसी की। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 382.50 अंक यानी 0.52 प्रतिशत चढ़कर 74,649.84 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 73,815.12 के निचले स्तर तक फिसल गया था, लेकिन वहां से इसने 1,047.07 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 100.95 अंक या 0.43 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,483.55 पर बंद होने में सफल रहा। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 508.40 अंक और निफ्टी 165.15 अंक गिरकर बंद हुए थे।
आईटी कंपनियों ने बाजार में फूंकी जान
बाजार की इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। बीएसई का आईटी इंडेक्स 4.40 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में सबसे ज्यादा 6.53 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा इन्फोसिस में 5.66 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 4.08 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 1.76 प्रतिशत की तेजी आई। आईटी कंपनियों के अलावा अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, इटरनल, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी लाभ में रहे, जबकि एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई।
वैश्विक संकेत और जानकारों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि आईटी शेयरों में यह तेजी अमेरिकी टेक कंपनियों के मजबूत नतीजों और सकारात्मक अनुमानों का परिणाम है। लिवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक हरिप्रसाद के. के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों के प्रदर्शन ने यह भरोसा जगाया है कि आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद एआई, क्लाउड और एंटरप्राइज तकनीक पर वैश्विक खर्च मजबूत बना हुआ है। वहीं, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि मध्य पूर्व में शांति समझौते में हो रही देरी के बावजूद वैश्विक भावना स्थिर बनी हुई है, जो बाजार में जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी बताया कि बड़े शेयरों (लार्ज-कैप) में लगातार हो रही खरीदारी आकर्षक वैल्युएशन का नतीजा है, क्योंकि निफ्टी-50 का वैल्युएशन अन्य व्यापक बाजारों की तुलना में अपने दीर्घकालिक औसत के अधिक करीब है।
विदेशी निवेशकों का रुख और अन्य अहम आंकड़े
एक तरफ जहां घरेलू बाजार में रौनक रही, वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,911.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वैश्विक मोर्चे पर बात करें तो ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया के कोस्पी, शंघाई के कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग के हैंग सेंग में बढ़त दर्ज की गई, जबकि जापान का निक्केई 225 गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला और इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे।
वैश्विक आईटी सेक्टर की मजबूती और लार्ज-कैप शेयरों के आकर्षक वैल्युएशन ने भारतीय बाजार को बड़ा सहारा दिया है। आगे चलकर निवेशकों की नजर विदेशी फंड्स के प्रवाह और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर बनी रहेगी, जो शेयर बाजार की अगली चाल तय करेंगे।