The Bonus Market Update: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार; सेंसेक्स 256 अंक टूटा, निफ्टी 26100 के नीचे
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। वहीं पिछले दिन बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक गिरकर 84,961.14 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 37.95 अंक गिरकर 26,140.75 अंक पर बंद हुआ था।
विस्तार
विदेशी निधियों की लगातार निकासी और संभावित अमेरिकी टैरिफ वृद्धि की चिंताओं के बीच गुरुवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 255.86 अंक गिरकर 84,705.28 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 65.9 अंक गिरकर 26,074.85 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे गिरकर 89.90 पर आ गया।
ये भी पढ़ें: Trump Tariff on Russian Oil: क्या 500% टैरिफ लगाएगा अमेरिका? ट्रंप के सहयोगी बोले- बिल को मंजूरी, सीनेट में...
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, मारुति, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, अदानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि बुनियादी दृष्टिकोण से देखें तो अर्थव्यवस्था और बाजारों के लिए अच्छी खबर है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी की वृद्धि दर प्रभावशाली 7.4% रहने का अनुमान है। यह ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाता है।
हालांकि, इस मजबूत बुनियादी आधार का असर बाजार में जल्द ही दिखने की संभावना नहीं है, क्योंकि भारत की सतत वृद्धि और व्यापक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बहुप्रतीक्षित अमेरिका-भारत व्यापार समझौता नहीं हो पा रहा है। यह और विदेशी निवेशकों द्वारा जारी बिकवाली बाजार को प्रभावित कर रही है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों को बनाए रखते हुए, लेकिन कड़े ऊपरी प्रतिरोध का सामना कर रहे हैं, जिससे बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ संबंधी नई चिंताओं और विदेशी पोर्टफोलियो के निरंतर बहिर्वाह के बीच बाजार का माहौल सतर्क बना हुआ है।
चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4% होने की उम्मीद
चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे दंडात्मक अमेरिकी टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा बुधवार को जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026 वित्तीय वर्ष) में जीडीपी वृद्धि आरबीआई द्वारा अनुमानित 7.3 प्रतिशत और सरकार के प्रारंभिक अनुमान 6.3-6.8 प्रतिशत से बेहतर रहने का अनुमान है।
एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक ऊपर कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 60.20 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.40 प्रतिशत बढ़कर 60.20 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,527.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,889.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 102.20 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 84,961.14 पर बंद हुआ। निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 26,140.75 पर आ गया।