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The Bonus Market News: हरे निशान पर सेंसेक्स-निफ्टी; शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे मजबूत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Mon, 15 Jun 2026 09:18 AM IST
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सार
The Bonus Market News: ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार में भी उछाल देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर खुले। सेंसेक्स में 1000 अंकों से अधिक तेजी दिखी, जबकि निफ्टी 330 अंकों से अधिक उछला। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे मजबूत हुआ।
शेयर बाजार में तेजी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आज सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर खुले। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे मजबूत हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच 107 दिनों से जारी जंग थमने की घोषणा के बाद भारत के अलावा एशिया के अन्य बाजारों में भी तेजी दिखी। जापान के निक्केई में 4 फीसदी से अधिक तेजी दिखी। भारतीय शेयर बाजार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का निफ्टी 1080 अंकों की उछाल के साथ खुला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 330 अंकों की तेजी के साथ खुला। सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में जिन कंपनियों के शेयर में अधिक तेजी दिखी उनमें इंडिगो, इटरनल, बाजाज फाइनांस और एशियन पेंट्स प्रमुख रहे। निफ्टी में जिन कंपनियों के शेयर हरे निशान पर रहे उनमें श्री राम फाइनांस, इंडिगो, ईटरनल, बाजाज फाइनांस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) शीर्ष पांच में शामिल रहे।
एशियाई बाजारों में दिखा उत्साह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का एलान करने के बाद ही एशियाई बाजार झूम उठे। जापान का निक्केई सूचकांक 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इंट्राडे रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। शांति समझौते के एलान और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की खबर से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों में उछाल आया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में भी 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार में भी खुलने के साथ ही तेजी दर्ज की गई। एएसएक्स200 125 अंकों के साथ बढ़कर 8928 पर कारोबार कर रहा था। सूचकांक के 11 में से सात क्षेत्रों में तेजी देखी गई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 3 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई। सोमवार के शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.45 डॉलर गिरकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 3.95 डॉलर टूटकर 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में भी गिरावट की उम्मीद की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान से तेल बाजार को पूरी तरह स्थिर होने में अभी कई महीने लग सकते हैं। संघर्ष के दौरान कच्चे तेल कीमतों में भारी उछाल आया था, जिससे पेट्रोल और अन्य कई उत्पादों की लागत बढ़ गई थी।
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एशियाई बाजारों में दिखा उत्साह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का एलान करने के बाद ही एशियाई बाजार झूम उठे। जापान का निक्केई सूचकांक 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इंट्राडे रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। शांति समझौते के एलान और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की खबर से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों में उछाल आया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में भी 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार में भी खुलने के साथ ही तेजी दर्ज की गई। एएसएक्स200 125 अंकों के साथ बढ़कर 8928 पर कारोबार कर रहा था। सूचकांक के 11 में से सात क्षेत्रों में तेजी देखी गई।
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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 3 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई। सोमवार के शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.45 डॉलर गिरकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 3.95 डॉलर टूटकर 80.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में भी गिरावट की उम्मीद की जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान से तेल बाजार को पूरी तरह स्थिर होने में अभी कई महीने लग सकते हैं। संघर्ष के दौरान कच्चे तेल कीमतों में भारी उछाल आया था, जिससे पेट्रोल और अन्य कई उत्पादों की लागत बढ़ गई थी।