'जब सब मुनाफा कमा रहे, तो मैं क्यों नहीं': क्रिप्टो से कमाई पर ट्रंप का जवाब, जानिए अब तक कितनी गरम हुई जेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो गतिविधियों से हुई $1.2 अरब की अपनी बंपर कमाई का बचाव किया है। जानें कैसे नियमों में ढीली नीति और नए प्रोजेक्ट्स ने उनकी संपत्ति को तीन गुना बढ़ाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार चर्चा उनकी नीतियों के साथ-साथ उनके परिवार की क्रिप्टोकरेंसी गतिविधियों से पिछले वर्ष हुई लगभग लगभग 120 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम कमाई को लेकर है। विशेषज्ञों और आलोचकों की ओर से हितों के टकराव और पद के दुरुपयोग के आरोपों के बीच ट्रंप ने अपने बंपर मुनाफे का बचाव किया है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि उनके शासनकाल में केवल वही नहीं, बल्कि अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार हो रही तेजी के कारण देश का हर नागरिक लाभ कमा रहा है।
ट्रंप की इस भारी कमाई और हितों के टकराव पर क्या है पूरा विवाद?
आलोचकों का आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद पर रहते हुए अपनी निजी संपत्ति को बढ़ाने के लिए अपने आधिकारिक प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस विवाद पर सफाई देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी पूरी कमाई एक ब्लाइंड ट्रस्ट के अधीन है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वे व्यक्तिगत रूप से इसमें दखल न दे सकें।
ट्रंप ने संवाददाताओं से स्पष्ट रूप से कहा, "मैं अपने व्यक्तिगत वित्तीय मामलों में शामिल नहीं होता। हमारे पास फंड हैं जो मेरे पैसे का प्रबंधन करते हैं। मैंने राष्ट्रपति बनने से पहले भी व्यवसाय में बहुत पैसा कमाया था, और वे ही मेरे धन का निवेश करते हैं। मैं उनसे बात नहीं करता।" हालांकि, रिकॉर्ड बताते हैं कि यह विशाल कमाई उन्हीं क्रिप्टो उद्यमों से जुड़ी है जो उनके व्हाइट हाउस में दोबारा कदम रखने के पहले ही किए गए थे।
राष्ट्रपति ट्रंप के पास $1.2 अरब का यह बंपर फंड कहां से आया?
अमेरिकी सरकारी नैतिकता कार्यालय द्वारा जारी 927 पन्नों के वित्तीय प्रकटीकरण दस्तावेजों के अनुसार, ट्रंप की इस भारी कमाई के दो मुख्य स्रोत रहे हैं:
- वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF): इस नए स्टार्टअप के साथ अपने संबंधों के कारण ट्रंप को साल 2025 में करीब 55 करोड़ डॉलर मिले। इस कंपनी की सह-स्थापना सितंबर 2024 में ट्रंप के बेटों और उनके पश्चिम एशिया के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बेटे ने मिलकर की थी।
- $TRUMP क्रिप्टोकरेंसी: जनवरी 2025 में ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से ठीक कुछ घंटे पहले $TRUMP नामक क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की गई थी। इस टोकन से जुड़े एक लाइसेंसिंग समझौते के तहत रॉयल्टी के रूप में ट्रंप को 63.5 करोड़ डॉलर मिले।
सरकारी नीतियों और ट्रंप की नेटवर्थ पर इस क्रिप्टो गतिविधि का क्या असर हुआ?
व्हाइट हाउस की नीतियों और ट्रंप के निजी निवेशों का सीधा तालमेल इस सेक्टर में देखा जा सकता है। सत्ता संभालने के बाद ट्रंप ने क्रिप्टो सेक्टर को नियम-मुक्त करने के लिए कई बड़े नीतिगत कदम उठाए, जिससे डिजिटल संपत्तियों की कीमतें आसमान छूने लगीं। इस पर व्हाइट हाउस ने गर्व से बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका को दुनिया की क्रिप्टो राजधानी बना दिया है। इस नीतिगत उछाल का सीधा फायदा खुद ट्रंप की नेटवर्थ को मिला। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्रिप्टो गतिविधि के चलते ही डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत संपत्ति साल 2024 के $2.3 अरब से लगभग तीन गुना बढ़कर साल 2026 में $6.5 अरब तक पहुंच गई है।
इस पूरे मामले में नैतिकता और पारदर्शिता की आगे क्या राह दिखाई देती है?
ट्रंप की इस अभूतपूर्व क्रिप्टो कमाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद और निजी व्यावसायिक हितों के बीच की सीमा रेखाओं पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ व्हाइट हाउस इसे अमेरिका को क्रिप्टो हब बनाने की नीतिगत सफलता के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरी तरफ नैतिकता नियामक और वित्तीय विश्लेषक राष्ट्रपति के व्यक्तिगत निवेशों और उनकी नीतियों के इस अंतर्संबंध पर करीब से नजर रख रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिकी संसद या स्वतंत्र नियामक इस संदर्भ में पारदर्शिता के मानकों को और कड़ा करने की दिशा में कोई कदम उठाते हैं।