एक्सप्लेनर: धनतेरस और दिवाली पर रहें सतर्क, त्योहारी सीजन में कैसे करें नकली आभूषणों की पहचान; जानिए सही तरीका
धनतेरस और दिवाली पर सोना-चांदी खरीदते समय हॉलमार्क और एचयूआईडी की जांच करना जरूरी है। बीआईएस केयर एप से ग्राहक आभूषण का आधिकारिक रिकॉर्ड देख सकते हैं। लेकिन कौन-से निशान देखने हैं और खरीदारी में किन गलतियों से बचना चाहिए? जानिए...
विस्तार
त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है और बाजार में सोने-चांदी की खरीदारी भी धीमी गति से शुरू हो गई है। त्योहारी मांग के चलते कई बार ग्राहकों को मिलावटी या कम शुद्धता वाले आभूषण की बिक्री की संभावना बन जाती है। ऐसे में अब आपको आपको शुद्धता जांचने के लिए किसी लैब के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि आप ज्वेलर के यहां बैठे-बैठे ही इसकी असलियत जान सकते हैं।
फोन पर ऐसे करें सोने की शुद्धता की जांच
उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने बताया कि ग्राहकों को केवल अपने फोन में बीआईएस केयर एप डाउनलोड करना है। एप के ‘वेरीफाई एचयूआईडी’ विकल्प में जाकर हॉलमार्क का 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक नंबर डालते ही प्रोडक्ट से जुड़ी सारी जानकारी सामने आ जाएगी।
- इससे यह पता चल जाता है कि आभूषण में मौजूद कीमती धातु की वास्तविक शुद्धता और मात्रा कितनी है, वह कहां बना है और उसका आधिकारिक रिकॉर्ड क्या है।
- जुलाई 2021 से लागू हॉलमार्किंग व्यवस्था के तहत अब तक देश में 65 करोड़ से अधिक सोने के आभूषणों पर एचयूआईडी के साथ हॉलमार्किंग हो चुकी है।
किन चीजों पर है हॉलमार्क से छूट
हर वस्तु पर अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू नहीं होती। नियमों के तहत 2 ग्राम से कम वजन के सोने के सामान, कुंदन-पोल्की-जड़ाऊ आभूषण, कुछ निर्यात होने वाले सामान, चिकित्सा व औद्योगिक वस्तुएं और सोने की बुलियन को छूट दी गई है।
चांदी में भी एचयूआईडी व्यवस्था
सोने की तर्ज पर अब चांदी के आभूषणों में भी एचयूआईडी आधारित हॉलमार्किंग शुरू हो चुकी है। एक सितंबर 2025 से यह व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 90 लाख से अधिक चांदी के आभूषणों और वस्तुओं पर एचयूआईडी हॉलमार्किंग हो चुकी है। देश भर में चांदी के कारोबार के लिए करीब 30 हजार रजिस्टर्ड ज्वैलर्स हैं। ऐसे में अब चांदी खरीदते वक्त भी एचयूआईडी नंबर की जांच जरूर करें ताकि कोई आपको नकली या कम शुद्धता वाली चांदी न बेच सके।
कौन-सी श्रेणियां हॉलमार्किंग के दायरे में?
फिलहाल भारतीय बाजार में सोने के आभूषणों के लिए सात कैरेट श्रेणियां हॉलमार्किंग के दायरे में तय की गई हैं, जिसमें 9 कैरेट, 14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट शामिल हैं।
nदेश के करीब 400 जिलों में हॉलमार्किंग वाले आभूषणों की बिक्री अनिवार्य कर दी गई है। बीआईएस बिना हॉलमार्क वाले आभूषण बेचने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। देश में 15 अक्टूबर 2026 तक 2,10,155 बीआईएस-रजिस्टर्ड ज्वैलर्स हैं। देश भर में बीआईएस से मान्यता प्राप्त 1,565 असेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर हैं, जिनमें 1,561 केंद्र सोने और 327 केंद्र चांदी की हॉलमार्किंग से जुड़े हैं।