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एचडीएफसी बैंक: दो वरिष्ठ अधिकारियों पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप, नए सीईओ अनूप बागची के सामने चुनौती

Thu, 22 Oct 2026 07:03 AM IST
शिवम गर्ग बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली। Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 22 Oct 2026 07:03 AM IST
सार

एचडीएफसी बैंक की आंतरिक जांच में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर गोपनीय कारोबारी जानकारी बाहरी लोगों से साझा करने के आरोप सामने आए हैं। नए सीईओ अनूप बागची के पदभार संभालने से पहले यह मामला बैंक के लिए चुनौती बन गया है।

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HDFC Bank Internal Probe Finds Evidence of Confidential Information Leak by Two Senior Executives
एचडीएफसी बैंक - फोटो : amarujala.com

विस्तार

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक में कॉरपोरेट गवर्नेस से जुड़ा एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बैंक की एक आंतरिक जांच में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि बैंक के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने गोपनीय व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार को प्रभावित करने वाली संवेदनशील जानकारी बाहरी लोगों के साथ साझा की हैं। हालांकि, आरोपियों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं। बैंक के शीर्ष नेतृत्वकर्ताओं को आंतरिक जानकारियां लीक होने की आशंका के बाद गुप्त आंतरिक जांच शुरू की थी, जिसमें मामले का खुलासा हुआ।

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सूत्रों के अनुसार, जिन दो वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है, वे बैंक के भीतर कुछ बहुत ही अहम व्यवसायों और महत्वपूर्ण कार्यों की कमान संभालते हैं। बैंक की यह आंतरिक जांच अभी भी चल रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि लीक की गई इस गोपनीय जानकारी का किस हद तक दुरुपयोग किया गया है। इस खबर से सामने आने के बाद बुधवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.73% टूटकर 706.40 रुपये पर बंद हुआ। इसका असर बृहस्पतिवार के कारोबार में दिखने की आशंका है। बैंक के शेयर में इस साल लगभग 28 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
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नए सीईओ अनूप बागची के सामने कड़ी चुनौतियां
एचडीएफसी बैंक के लिए यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक पहले से ही कई बड़े बदलावों और आंतरिक उथल-पुथल के दौर गुजर रहा है। मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिकांत जगदीशन ने आश्चर्यजनक रूप से दूसरा कार्यकाल न चाहने का फैसला किया है और वे छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ रहे हैं। अनूप बागची 27 अक्तूबर को एचडीएफसी बैंक के नए सीईओ का पदभार संभालने जा रहे हैं और यह विवाद उनके सामने सबसे पहली बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा हो गया है। बैंक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में से एक और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने भी दिसंबर के अंत में अपना पद छोड़ने की इच्छा जताई है।
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कई विवादों में घिरा बैंक
कुछ ही महीनों के भीतर, बैंक ने अपनी मूल कंपनी और मॉर्गेज क्षेत्र की दिग्गज एचडीएफसी के साथ विलय की घोषणा की। इससे बैंक की एसेट बुक में भारी विस्तार हुआ, लेकिन साथ ही व्यावसायिक प्रदर्शन, एचडीएफसी की देनदारियों के भुगतान और नई संयुक्त इकाई के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) में कमी आने को लेकर चिंताएं भी पैदा हो गई। जगदीशन की दोबारा नियुक्ति का मुद्दा काफी चर्चा और अटकलों का विषय रहा है। खासकर इस साल मार्च में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु 

बैंक ने शुरू की आंतरिक समीक्षा
बैंक ने मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है। बैंक के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिये दिए अपने बयान में कहा है, हमारी नीतियों के अनुरूप, सभी प्रासंगिक तथ्यों का मूल्यांकन करने के लिए इस मामले की आंतरिक समीक्षा वर्तमान में चल रही है। समीक्षा पूरी होने के बाद निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बैंक ने दोहराया है कि वह नैतिकता और गवर्नेस के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चक्रवर्ती के चौंकाने वाले इस्तीफे के बाद, जिन्होंने बैंक में नैतिकता और गवर्नेस के तौर-तरीकों को लेकर चिंताएं जताई थीं।

जुलाई के आखिर में, बैंक बोर्ड को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के साथ की गई जमा व्यवस्थाओं में कमियां मिलीं। बोर्ड ने जगदीशन और अन्य प्रमुख अधिकारियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, हालांकि उसने यह भी कहा कि उनके इरादे गलत नहीं थे। आरोप था कि बैंक ने सरकारी संस्था से बड़ी रकम जमा के रूप में लेने के लिए, तय दरों (कार्ड रेट) से ज्यादा भुगतान किया और इसे 'मार्केटिंग खर्च' के तौर पर दिखाया।


एसबीआई ने कहा, ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक एसबीआई में डाटा लीक का मामला गरमाया हुआ है। एसबीआई ने डार्क वेब पर 3.897 ग्राहकों के रिकॉर्ड लीक की आशंका की जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि ग्राहकों की जमा राशि सुरक्षित है। बैंक ने सोशल मीडिया में कहा, ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और हम अपने मूल्यव ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं।

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