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45 शहरों में लागू होगी एमएलएफएफ तकनीक: अब टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं, 90 की रफ्तार से गुजरेंगी गाड़ियां
Thu, 22 Oct 2026 06:33 AM IST
शिवम गर्ग
शरद पाण्डेय, द बोनस डेस्क, नई दिल्ली
शरद पाण्डेय, द बोनस डेस्क, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 22 Oct 2026 06:33 AM IST
सार
देश के 45 शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने की योजना है। नए एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड पर एमएलएफएफ तकनीक लागू होगी, जिससे गाड़ियां 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके टोल पार कर सकेंगी।
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टोल प्लाजा
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
देश के बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत पांच लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को चिन्हित किया गया है, जहां रिंग रोड, बाईपास या मौजूदा राजमार्गों को आधुनिक बनाया जाएगा। जिन शहरों में नए एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड बनेंगे, वहां अनिवार्य रूप से एमएलएफएफ सिस्टम लगाया जाएगा।
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मल्टी लेन फ्री फ्लो एक अत्याधुनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इसके तहत गाड़ियां बिना अपनी रफ्तार कम किए सरपट निकल जाएंगी और सेंसर व कैमरों की मदद से टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा। सूत्रों के अनुसार, यह सिस्टम केवल उन रिंग रोड पर लागू होगा जो एक्सेस कंट्रोल्ड होंगे, यानी जहां आने-जाने के लिए केवल निश्चित और सीमित एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स होंगे।
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ऐसे काम करती है एमएलएफएफ
एमएलएफएफ तकनीक में गाड़ियां करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पॉइंट से गुजर सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम में अमेरिका की कंपनी जेब्रा का हाई-स्पीड रीडर इस्तेमाल किया गया है, जिसकी क्षमता एक सेकंड में करीब 1,300 टैग पढ़ने की बताई गई है।
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इन प्रमुख शहरों में लागू होगा प्लान
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, अलीगढ़ और वाराणसी के अलावा दिल्ली, पटना, चंडीगढ़, उदयपुर, अहमदाबाद, अमरावती, सलेम, त्रिची, बंगलूरू, कोयंबटूर, देहरादून और गुवाहाटी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण शहरों शहरों को को शामिल किया गया है। इनमें से कई शहरों में काम तेजी से शुरू भी हो चुका है।