Banking Q1 Results: पीएनबी का मुनाफा तीन गुना उछला; HDFC, ICICI, एक्सिस, कोटक और यस बैंक का भी मजबूत प्रदर्शन
पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों ने बाजार को एक सकारात्मक उम्मीद दी है। मुनाफे, एनपीए और मार्जिन की पूरी रिपोर्ट आंकड़ों के साथ विस्तार से पढ़ने के लिए अभी क्लिक करें।
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विस्तार
देश के बैंकिंग सेक्टर के लिए चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही बेहद शानदार साबित हुई है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के मुनाफे में तीन गुना से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं निजी क्षेत्र के दिग्गज एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक ने भी दोहरे अंकों में मजबूत मुनाफा वृद्धि हासिल की है। लोन की बढ़ती मांग और परिसंपत्ति गुणवत्ता में लगातार सुधार ने बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूत किया है, हालांकि बढ़ते ब्याज दरों के बीच शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) पर हल्का दबाव देखा गया है।
पंजाब नेशनल बैंक ने कैसे दर्ज किया तीन गुना से अधिक का बंपर मुनाफा?
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में एकल शुद्ध मुनाफा तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 5,253 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले वर्ष समान तिमाही में 1,675 करोड़ रुपये था।
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आय और मुनाफा: कुल आय 37,231 करोड़ रुपये पर स्थिर रही, लेकिन ब्याज आय बढ़कर 32,897 करोड़ रुपये (पिछले साल समान तिमाही में ₹31,964 करोड़) और ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर रुपये 7,519 करोड़ हो गया।
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एनपीए में सुधार: ग्रॉस एनपीए (जीएनपीए) घटकर 2.78 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल 3.78 प्रतिशत था। कुल एनपीए (जीएनपीए) 7,292 करोड़ रुपये घटकर ₹35,381 करोड़ रह गया। नेट एनपीए (एनएनपीए) भी घटकर 0.26 प्रतिशत (3,433 करोड़ रुपये) रह गया।
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कैपिटल पोजीशन: बैंक का कैपिटल एडेक्वेंसी रेशियो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 17.5 प्रतिशत से सुधरकर 18.13 प्रतिशत हो गया। हालांकि, खराब ऋणों के लिए प्रोविजनिंग बढ़कर 792 करोड़ रुपये हो गई।
एचडीएफसी बैंक के नतीजे क्या कह रहे?
भारत के सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए 19,060 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज किए गए 18,155 करोड़ रुपये से 5% अधिक है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय, जो अर्जित ब्याज और ब्याज व्यय के बीच का अंतर है, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 7% बढ़कर 33,534 करोड़ रुपये हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह 31,438 करोड़ रुपये थी।
आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी फाइलिंग में क्या बताया?
आईसीआईसीआई बैंक ने जून तिमाही के लिए नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने अपनी फाइलिंग में बताया है कि उसने 14,804 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह अप्रैल-जून 2025 में 12,768 करोड़ रुपये के मुकाबले 15.95 प्रतिशत अधिक है। जून तिमाही के लिए ICICI बैंक का समेकित शुद्ध लाभ 13.88 प्रतिशत बढ़कर 15,440 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 13,558 करोड़ रुपये था।
क्या रिटेल से ज्यादा कॉर्पोरेट लोन ने बढ़ाया एक्सिस बैंक का मुनाफा?
निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक का समेकित शुद्ध मुनाफा 22.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,632.31 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल समान अवधि में 6,243.72 करोड़ रुपये था। स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़कर 7,114 करोड़ रुपये रहा।
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लोन ग्रोथ: बैंक के कुल अग्रिम 19 प्रतिशत बढ़े, जिसमें कॉर्पोरेट ऋण 38 प्रतिशत की दर से बढ़े, जबकि रिटेल लोन केवल आठ प्रतिशत ही बढ़ पाए।
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मुख्य वित्तीय आंकड़े: नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) आठ प्रतिशत बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये रही, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) पिछले साल के 3.80 प्रतिशत से घटकर 3.46 प्रतिशत रह गया। कुल प्रोविजन्स घटकर 2,223 करोड़ रुपये रह गए।
डिपॉजिट और एडवांस में बढ़त के बीच कोटक बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा?
कोटक महिंद्रा बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में समेकित शुद्ध मुनाफे में 22.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,480.46 करोड़ रुपये की छलांग लगाई है, जो पिछले वर्ष 4,472.18 करोड़ रुपये था।
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मुख्य वित्तीय आंकड़े: स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा बढ़कर 4,122.96 करोड़ रुपये हो गया। कुल डिपॉजिट्स 14 प्रतिशत बढ़कर 5.59 लाख करोड़ रुपये और एडवांस 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 5.28 लाख करोड़ रुपये रहे।
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मार्जिन और एनपीए: बैंक की कोर एनआईआई नौ प्रतिशत बढ़कर 7,928 करोड़ रुपये रही, लेकिन एनआईएम 4.65 प्रतिशत से घटकर 4.53 प्रतिशत रह गया। ग्रॉस एनपीए सुधरकर 1.18 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछले वर्ष 1.48 प्रतिशत था।
यस बैंक की 34% मुनाफा वृद्धि के पीछे क्या रहे मुख्य कारण?
यस बैंक ने पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 1,070.99 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 801.07 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर करीब 17.5 प्रतिशत बढ़कर 2,786.46 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 2,371.47 करोड़ रुपये थी।
पहली तिमाही के परिणाम भारतीय बैंकिंग सेक्टर के मजबूत लोन ग्रोथ और घटते एनपीए (एनपीए) के कारण सुधरती एसेट क्वालिटी की पुष्टि करते हैं। हालांकि, फंडिंग की बढ़ती लागत के चलते एक्सिस और कोटक जैसे बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) में आई मामूली गिरावट यह संकेत देती है कि भविष्य में बैंकों को मार्जिन प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। समग्र रूप से, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और कॉर्पोरेट क्रेडिट की मजबूत मांग इस बात का प्रमाण है कि देश का वित्तीय क्षेत्र काफी मजबूत स्थिति में है।
आईडीबीआई बैंक ने अपनी फाइलिंग में क्या बताया?
आईडीबीआई बैंक ने शनिवार को पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने इस बार नतीजों में बताया है कि उसका शुद्ध मुनाफा 30 जून को समाप्त हुई तिमाही के दौरान 5% बढ़कर 2,115 करोड़ रुपये हो गया है।सरकारी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से नियंत्रित एलआईसी ने पिछले साल इसी तिमाही में 2007 करोड़ रुपये के मुनाफे की जानकारी दी थी। आईडीबीआई बैंक ने एक नियामक फाइलिंग में बताया कि 2026-27 की जून तिमाही के दौरान कुल आय बढ़कर 8,573 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 8,458 करोड़ रुपये थी।
बैंक द्वारा अर्जित ब्याज वित्त वर्ष 2026 की जून तिमाही में 7,021 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 7,541 करोड़ रुपये हो गया। इस तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) भी बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह 3,166 करोड़ रुपये थी, जो 10 प्रतिशत की वृद्धि है।
हालांकि, बैंक का परिचालन लाभ एक साल पहले के 2,354 करोड़ रुपये से घटकर 2,168 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज मार्जिन में भी थोड़ी कमी आई और यह पिछले वर्ष की अप्रैल-जून अवधि के 3.68 प्रतिशत के मुकाबले 3.61 प्रतिशत पर आ गया।