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Biz Updates: भविष्य की इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी पर चर्चा, केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने विशेषज्ञों से की मुलाकात

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Wed, 11 Mar 2026 12:19 PM IST
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और रजत वर्मा से मुलाकात कर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उभरती तकनीकों और टिकाऊ समाधान पर चर्चा की।
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para_count-1 para_count-1 para_count-1 मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि बैठक में 2D मैटेरियल्स के निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उनके उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्थायी मैग्नेट और बैटरियों जैसे महत्वपूर्ण घटकों के रीसाइक्लिंग के तरीकों पर भी चर्चा हुई। para_count-1
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para_count-2 para_count-2 para_count-2 चर्चा के दौरान आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में 2D मैटेरियल्स की बढ़ती भूमिका पर खास जोर दिया गया। ये सामग्री कुछ ही परमाणुओं की मोटाई वाली होती हैं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की क्षमता, दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने की बड़ी संभावना रखती हैं। para_count-2
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पश्चिम एशिया तनाव का असर, FAR बॉन्ड में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय बॉन्ड बाजार पर भी दिखने लगा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने पूर्णतः सुलभ मार्ग (एफएआर) के तहत उपलब्ध सरकारी प्रतिभूतियों में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है। क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) के आंकड़ों के अनुसार, एफएआर सरकारी बॉन्ड में एफपीआई निवेश घटकर मंगलवार तक करीब 3.26 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो 27 फरवरी को लगभग 3.31 लाख करोड़ रुपये था। यानी संघर्ष शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशकों ने करीब 4,634 करोड़ रुपये की निकासी की है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। इन कारणों से उभरते बाजारों में निवेश को लेकर वैश्विक निवेशक सतर्क हो गए हैं। इसी वजह से विदेशी निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए भारतीय सरकारी बॉन्ड, खासकर FAR श्रेणी की प्रतिभूतियों में अपनी हिस्सेदारी घटानी शुरू कर दी है।

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