Biz Updates: नई दवाओं के लॉन्च से घरेलू फार्मा सेक्टर को मिलेगी रफ्तार, सरकार ने ₹4405 करोड़ का कबाड़ बेचा
केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2021 से जनवरी 2026 तक कबाड़ की बिक्री से कुल 4,405.28 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अनुसार, केवल दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कबाड़ निपटान से 200.21 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है।
विभाग ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 के दौरान स्वच्छता अभियान के अंतर्गत 5,188 कार्यालयों में 81,322 फाइलों की छंटाई की गई। इसके साथ ही ‘सचिवालय सुधार’ का 27वां संस्करण शासन और प्रशासन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से चल रही पहलों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
डीएआरपीजी के मुताबिक, जनवरी माह में देशभर के 5,188 स्थानों पर सफाई अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया, जिससे लगभग 4.34 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया। इसमें कोयला मंत्रालय ने 1,88,687 वर्ग फुट और भारी उद्योग मंत्रालय ने 62,129 वर्ग फुट स्थान खाली कर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अगले तीन साल में फार्मा सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
घरेलू दवा बाजार में आने वाले तीन वर्षों में मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसका मुख्य कारण नई दवाओं, खासकर GLP-1 आधारित दवाओं के लॉन्च को माना जा रहा है। सिस्टमैटिक्स रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का घरेलू फार्मास्युटिकल सेक्टर इस अवधि में उच्च सिंगल-डिजिट दर से बढ़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ब्रांडेड फॉर्मुलेशन बाजार में ग्रोथ GLP-1 दवाओं के बढ़ते उपयोग और लॉन्च से तेज होने की उम्मीद है। इससे उन भारतीय फार्मा कंपनियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी घरेलू बाजार में मजबूत मौजूदगी है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि अमेरिकी जेनेरिक दवा कारोबार से होने वाली कमाई अधिकांश कंपनियों के लिए निकट भविष्य में स्थिर रह सकती है। इसके बावजूद घरेलू बाजार की मांग, नए उत्पादों की लॉन्चिंग और क्रॉनिक थेरेपी सेगमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी भारतीय दवा कंपनियों की कुल वृद्धि को सहारा दे सकती है।
भारत-कनाडा CEPA समझौता एक साल में संभव, उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने जताई उम्मीद
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) अगले एक वर्ष के भीतर अंतिम रूप ले सकता है। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने यह उम्मीद जताई है, हालांकि पहले वार्ताओं में देरी होती रही है।
द कैनेडियन प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की संभावित भारत यात्रा से पहले पटनायक ने कहा कि बदलते भू-राजनीतिक हालात और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की जरूरत को देखते हुए 12 महीने की समयसीमा में समझौता संभव है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों ने कई मुक्त व्यापार समझौतों पर काम करने का अनुभव हासिल किया है, जिससे बातचीत की प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हो सकती है। प्रस्तावित CEPA को भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देने वाला अहम समझौता माना जा रहा है।
विजिनजम पोर्ट के लिए केरल सरकार के 2,000 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन
केरल सरकार ने रणनीतिक समुद्री अवसंरचना में सार्वजनिक क्षेत्र की उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में सोमवार को एक अहम कदम उठाते हुए अदाणी विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर एकीकृत लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करने के लिए तीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पीएसयू) के साथ 2,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
ये समझौते मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन की उपस्थिति में विधानसभा परिसर में औपचारिक रूप से किए गए, जो यह संकेत देते हैं कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित इस बंदरगाह में मुख्य अवसंरचना पर सार्वजनिक निगरानी बनाए रखने की नीति अपनाई जा रही है।
सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विजिनजम को केवल एक ट्रांसशिपमेंट सुविधा से आगे बढ़ाकर एक विविधीकृत लॉजिस्टिक्स और समुद्री सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे राज्य के समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला क्षमता को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।