Tariffs: चीन ने अमेरिका से टैरिफ हटाने को कहा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका किस तैयारी में, जानिए सबक
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ खारिज किए जाने के बाद चीन ने एकतरफा शुल्क हटाने की मांग की है। 15% नए टैरिफ और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की पूरी न्यूज़ स्टोरी पढ़ें। अभी क्लिक करें!
विस्तार
वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़े घटनाक्रम में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख टैरिफ नीति को बड़ा झटका देते हुए उनके व्यापक आयात शुल्क को अवैध करार दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले के तुरंत बाद, चीन ने अमेरिका से सभी एकतरफा टैरिफ वापस लेने की मांग की है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने कानूनी रूप से मान्य नए 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है, जिससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक तनाव फिर से गहराने की आशंका है।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और आईईईपीए की सीमाएं
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास 1977 के 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट' के तहत लगभग सभी अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों से आने वाले सामानों पर व्यापक आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।
- अदालत का तर्क: चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखते हुए स्पष्ट किया कि आईईईपीए आयात को विनियमित करने का अधिकार देता है, लेकिन इसमें टैरिफ या शुल्कका कोई जिक्र नहीं है।
- अधिकार क्षेत्र का अभाव: चीफ जस्टिस रॉबर्ट्स ने लिखा, "सरकार ने ऐसे किसी कानून की ओर इशारा नहीं किया है जिसमें कांग्रेस ने कराधान को अधिकृत करने के लिए 'विनियमित' शब्द का उपयोग किया हो। अब तक किसी भी राष्ट्रपति ने को इस तरह की शक्ति प्रदान करने वाला नहीं माना है"।
हालांकि, 9 जजों की बेंच में जस्टिस ब्रेट कैवानुघ, क्लेरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो ने इस फैसले से असहमति जताई।
चीन की तीखी प्रतिक्रिया और चेतावनी
इस फैसले के बाद चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि चीन हमेशा से किसी भी रूप में एकतरफा टैरिफ बढ़ोतरी का विरोध करता रहा है।
- नियमों का उल्लंघन: प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका द्वारा उठाए गए एकतरफा कदम- जिसमें पारस्परिक और फेनटैनिल से जुड़े टैरिफ शामिल हैं- न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि अमेरिकी घरेलू कानून के भी खिलाफ हैं और इससे किसी भी पक्ष का हित नहीं होता।
- वैकल्पिक उपायों पर नजर: 'ग्लोबल टाइम्स' के हवाले से प्रवक्ता ने आगाह किया कि अमेरिका अपने व्यापारिक भागीदारों पर टैरिफ बनाए रखने के लिए 'व्यापार जांच' जैसे वैकल्पिक उपाय अपनाने की तैयारी कर रहा है। चीन इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखेगा और अपने वैध अधिकारों की मजबूती से रक्षा करेगा।
ट्रंप का पलटवार: नए टैरिफ की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के झटके के बावजूद, ट्रंप प्रशासन पीछे हटने के मूड में नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर, पोस्ट किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद घोषित 10 प्रतिशत के विश्वव्यापी टैरिफ को बढ़ाकर "पूरी तरह से अनुमत और कानूनी रूप से परीक्षित 15 प्रतिशत के स्तर" पर ले जा रहे हैं।