Biz Updates: पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल; फेड ने ब्याज दरें 3.5%-3.75% पर रखीं बरकरार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक बढ़कर 112.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है।
तेल की कीमतों में यह तेजी इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया। रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन केंद्रों में से एक है। कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। पिछले 12 घंटों में इस अहम ऊर्जा केंद्र पर यह दूसरा हमला है।
फेड ने दूसरी बार ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया। फेड ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, हालांकि महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
फेड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रोजगार वृद्धि सीमित रही है, जबकि बेरोजगारी दर में हाल के महीनों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। केंद्रीय बैंक ने अपने दोहरे लक्ष्य अधिकतम रोजगार और दीर्घकाल में 2% महंगाई को दोहराते हुए कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 7.19% बढ़कर ₹22.80 लाख करोड़
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च तक देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 7.19 प्रतिशत बढ़कर ₹22.80 लाख करोड़ पहुंच गया है। यह जानकारी आयकर विभाग द्वारा जारी ताजा अस्थायी आंकड़ों में सामने आई है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल संग्रह में कॉरपोरेट टैक्स का योगदान ₹10.91 लाख करोड़ रहा, जबकि नॉन-कॉरपोरेट टैक्स ₹11.32 लाख करोड़ रहा। वहीं, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) ₹55,717 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के ₹53,095 करोड़ से अधिक है। हालांकि, अन्य करों से मिलने वाला राजस्व घटकर करीब ₹365 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले लगभग ₹3,400 करोड़ था।
एडवांस टैक्स कलेक्शन में भी 6.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बढ़कर ₹11.13 लाख करोड़ हो गया। इसी अवधि में सरकार ने ₹4.35 लाख करोड़ के रिफंड जारी किए। रिफंड समायोजन से पहले, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 17 मार्च तक ₹27.15 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 4.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इससे पहले, 1 अप्रैल से 11 जनवरी के बीच नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹18.37 लाख करोड़ रहा था, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.82 प्रतिशत अधिक था। इस दौरान कॉरपोरेट टैक्स संग्रह ₹8.63 लाख करोड़ रहा, जिसमें 12.41 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।
टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को ब्रिटेन का नाइटहुड सम्मान
टाटा समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में उनके अहम योगदान के लिए नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (KBE) सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान 18 मार्च को ब्रिटिश उच्चायोग में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तीन की ओर से दिया गया, जिसमें टाटा समूह की यूके में दीर्घकालिक निवेश और मजबूत उपस्थिति को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि चंद्रशेखरन भारत के कॉरपोरेट जगत की एक प्रतिष्ठित शख्सियत और यूके के सच्चे मित्र हैं। उन्होंने कहा कि यह मानद नाइटहुड वैश्विक व्यापार में उनके प्रभाव और भारत-ब्रिटेन के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनकी भूमिका का प्रमाण है। उच्चायुक्त ने यह भी बताया कि चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने यूके में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। आज टाटा समूह वहां 19 सहायक कंपनियों के साथ प्रमुख भारतीय नियोक्ताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखरन की दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और उद्यमशील सोच ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
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