Biz Updates: टेस्ला का दूसरी तिमाही का लाभ गिरा, शोध और विकास पर बढ़ा खर्च; अब भारत में बनेंगे लीप इंजन पुर्जे
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टेस्ला ने बुधवार को बताया कि पिछली तिमाही में उसका लाभ गिर गया। कंपनी ने शोध और विकास पर अधिक धन खर्च किया, जिससे वाहन बिक्री में वृद्धि के बावजूद लाभ कम हुआ। दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 1.11 अरब अमेरिकी डॉलर या प्रति शेयर 32 सेंट रहा, जबकि पिछले साल यह 1.17 अरब अमेरिकी डॉलर या प्रति शेयर 33 सेंट था। कुछ शुल्कों को छोड़कर, लाभ प्रति शेयर 33 सेंट रहा, जो वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों के 53 सेंट के अनुमान से कम था। राजस्व 26 फीसदी बढ़कर 28.24 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो विश्लेषकों के अनुमान से अधिक था। शोध और विकास पर खर्च एक साल पहले की तुलना में करीब 49 फीसदी बढ़कर 2.37 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। परिणाम जारी होने के बाद टेस्ला के शेयर 2.7 फीसदी गिरकर 363.98 अमेरिकी डॉलर पर बंद हुए। इस महीने की शुरुआत में, टेस्ला ने दूसरी तिमाही में 480,216 कारों की डिलीवरी की सूचना दी थी, जो पिछले साल से 25 फीसदी अधिक थी।
एचएएल-सैफ्रान की बड़ी साझेदारी: भारत में बनेंगे लीप इंजन के अहम पुर्जे,
भारत की प्रमुख रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने सीएफएम लीप इंजन प्रोग्राम के लिए सुपरएलॉय टरबाइन रिंग फोर्जिंग के उत्पादन और आपूर्ति को लेकर एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत के 'मेक इन इंडिया' अभियान को नई मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। एचएएल ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने सीएफएम लीप इंजन कार्यक्रम के लिए सुपरअलॉय में टरबाइन रिंग फोर्जिंग के उत्पादन और आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता फार्नबोरो इंटरनेशनल एयरशो 2026 के दौरान एचएएल के फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन के महाप्रबंधक प्रवीण बी. और सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (परचेजिंग) डोमिनिक डुप्यू के बीच हुआ। इस समझौते के तहत एचएएल अपने बेंगलुरु स्थित फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन की अत्याधुनिक रिंग रोलिंग फैसिलिटी में लीप इंजन के लिए नियर-नेट शेप सुपरएलॉय रिंग फोर्जिंग का निर्माण करेगा।
केरल सरकार ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी 100-दिवसीय मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत, राज्य एक वैश्विक निवेश अभियान, अंतरराष्ट्रीय रोड शो, बुनियादी ढांचे के विस्तार और बड़े पैमाने पर प्रतिभा विकास कार्यक्रम की योजना बना रहा है। उद्योग, वाणिज्य, आईटी और एआई मंत्री पी.के. कुन्हालिकुट्टी ने टेक्नोपार्क में केरल जीसीसी आउटलुक 2026 संगोष्ठी में इस पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह अभियान बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने के लिए केरल की शक्तियों का आक्रामक रूप से विपणन करेगा, जो भारत में जीसीसी स्थापित करना चाहती हैं। इस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, आईटी विभाग केरल के कुशल कार्यबल, जीवन की गुणवत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों में बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए प्रमुख वैश्विक जीसीसी कार्यक्रमों में भाग लेगा। राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रवासियों का भी लाभ उठाएगा। सरकार प्रौद्योगिकी पार्कों को बढ़ावा देकर और सुगम अनुमोदन प्रक्रिया के माध्यम से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाकर विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।