फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Coal Ministry's 'AAROH' Report: Scientific Closure of 42 Mines, Beginning of New Opportunities

Coal Mining: कोयला मंत्रालय की आरोह रिपोर्ट में क्या? 42 खदान वैज्ञानिक तरीके से बंद, नए अवसरों की शुरुआत

Thu, 23 Jul 2026 11:42 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 23 Jul 2026 11:42 AM IST
सार

कोयला मंत्रालय ने 'आरोह: खदान बंद करने से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट' जारी की है, जिसमें 42 कोयला खदानों के वैज्ञानिक बंद करने, पारिस्थितिक बहाली और खनन के बाद भूमि के टिकाऊ उपयोग की प्रगति को दर्शाया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

विज्ञापन
Coal Ministry's 'AAROH' Report: Scientific Closure of 42 Mines, Beginning of New Opportunities
माइनिंग पॉलिसी - फोटो : amarujala.com

विस्तार

कोयला मंत्रालय ने बुधवार को आरोह नाम की खदान बंद करने से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट देश में वैज्ञानिक खदान बंद करने की दिशा में हुई प्रगति को प्रदर्शित करती है। इसमें पारिस्थितिक बहाली और खनन के बाद भूमि के टिकाऊ उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। इस प्रकाशन में 42 कोयला खदानों को वैज्ञानिक तरीके से बंद करने का विवरण है।

विज्ञापन


रिपोर्ट में संरचित सुधार प्रक्रियाओं को उजागर किया गया है। इसमें पारिस्थितिक बहाली की पहल भी शामिल हैं। खनन के बाद भूमि के टिकाऊ उपयोग के तरीके बताए गए हैं। समुदाय-उन्मुख हस्तक्षेपों ने पर्यावरणीय रूप से बहाल परिदृश्य बनाए हैं। इन परिदृश्यों से सामाजिक लाभ भी मिल रहे हैं। कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खदान बंद करने के दर्शन को बदला गया है। अब यह एक राष्ट्रीय और मंत्रालय की प्राथमिकता बन गई है। इसे खनन के अंत के रूप में नहीं, बल्कि नए अवसरों की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।

विज्ञापन

'आरोह' रिपोर्ट क्या दर्शाती है?

'आरोह' रिपोर्ट में प्रत्येक खदान का विस्तृत प्रोफाइल शामिल है। यह प्रमुख बंद करने की पहलों को प्रस्तुत करती है। खनन के बाद भूमि उपयोग के परिणामों को भी दर्शाया गया है। इसमें पहले और बाद के दृश्य दस्तावेज उपलब्ध हैं। क्यूआर कोड-सक्षम वृत्तचित्र वीडियो भी शामिल हैं। ये वीडियो संबंधित खदान स्थलों की परिवर्तन यात्रा को दर्शाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

खदान बंद करने की नई सोच क्या है?

कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने खदान बंद करने के प्रति बदली हुई सोच पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है। मंत्रालय भी इसे अपनी प्रमुख प्राथमिकता मानता है। अब इसे केवल खनन गतिविधियों का समापन नहीं माना जाता। बल्कि, इसे नए आर्थिक और पर्यावरणीय अवसरों की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। यह दृष्टिकोण टिकाऊ विकास को बढ़ावा देता है।

भारत का खदान बंद करने का ढांचा कैसे विकसित हुआ है?

यह प्रकाशन एक ज्ञान भंडार के रूप में कार्य करता है। यह सफल मॉडल को उजागर करता है। भविष्य की खदान बंद करने और पुनरुद्देश्यीकरण प्रयासों के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। रिपोर्ट भारत के खदान बंद करने के ढांचे के विकास को भी दर्शाती है। इसमें कोयला मंत्रालय की प्रमुख पहलें शामिल हैं। RECLAIM ढांचा इनमें से एक है, जो वैज्ञानिक मूल्यांकन को बढ़ावा देता है। यह हितधारक भागीदारी, ज्ञान के आदान-प्रदान और खनन के बाद भूमि के टिकाऊ उपयोग को भी प्रोत्साहित करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed