The Bonus Market Update: शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में तेजी; सेंसेक्स 158 अंक बढ़कर 85,347 पर पहुंचा
घरेलू शेयर बाजार में साल 2026 के दूसरे दिन तेजी दिखी। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। बाजार के विस्तृत हाल के साथ पढ़िए कारोबार जगत की अहम खबरें।
विस्तार
घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और ब्लू-चिप रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी के चलते शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई, जिससे शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में ऊपर चढ़े।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 158.19 अंक चढ़कर 85,346.79 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 55.8 अंक बढ़कर 26,202.35 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, मारुति, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स सबसे बड़े लाभ कमाने वालों में शामिल थीं।
आईटीसी, टाइटन कंपनी, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक पिछड़ने वालों में शामिल थे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,525.89 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बीमा कंपनियों की उच्च लागत रणनीति ने महंगा किया प्रीमियम
आरबीआई ने बीमा क्षेत्र में संरचनात्मक दबावों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि बीमा प्रीमियम में वृद्धि अब संचालन दक्षता के बजाय कंपनियों की उच्च-लागत वितरण-प्रेरित रणनीतियों से संचालित हो रही है। आरबीआई ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा, हाल में देखने में आया है कि सतही स्थिरता के बावजूद मध्यम अवधि में निरंतरता और कवरेज विस्तार पर दबाव बन सकता है। मुख्य दबाव उच्च खर्च संरचना, खासकर अधिग्रहण लागत की लगातार उच्च दर के रूप में दिखाई देता है। प्रीमियम वृद्धि अब अधिकतर उच्च-लागत वितरण रणनीतियों के कारण है, परिचालन दक्षता के कारण नहीं।
रिपोर्ट कहती है कि जीवन बीमा क्षेत्र में अग्रिम अधिग्रहण लागत ने यह सुनिश्चित नहीं होने दिया कि पैमाना बढ़ने पर लाभ सीधे पॉलिसीधारक तक पहुंचे। डिजिटलीकरण से होने वाले संभावित लाभ भी अभी तक पूरी तरह से हासिल नहीं हुए हैं। यह रिपोर्ट चेतावनी अंदाज में कहती है, बीमा कंपनियों के लगातार उच्च खर्च लाभांश को कमजोर कर सकते हैं। बीमा कंपनियों की कुल प्रीमियम आय 2024-25 में 11.9 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि 2020-21 में यह 8.3 लाख करोड़ रुपये थी।
तरुण गर्ग ने ह्यूंडई मोटर इंडिया के एमडी व सीईओ का पदभार बृहस्पतिवार को संभाल लिया। दक्षिण कोरियाई वाहन कंपनी की भारतीय इकाई की स्थापना के 29 साल बाद यह पहली बार है, जब कोई भारतीय इसका नेतृत्व कर रहा है। तरुण उनसू किम का स्थान लेंगे, जो ह्यूंडई मोटर कंपनी में रणनीतिक भूमिका में लौट रहे हैं।
देश में प्राकृतिक गैस की खपत वित्त वर्ष 2026-27 में तीन से चार फीसदी बढ़ सकती है। इक्रा ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा, निकट अवधि में सुस्ती के बाद प्राकृतिक गैस की घरेलू खपत में तेजी आने की उम्मीद है। एजेेंसी ने कहा, उद्योगों की ओर से गैस की मांग बढ़ने से खपत को समर्थन मिलेगा। 2025-26 के पहले सात महीनों में प्राकृतिक गैस की खपत 4.5 फीसदी घटी थी।
कोल इंडिया का कोयला उत्पादन दिसंबर, 2025 में सालाना आधार पर 5.2 फीसदी बढ़कर 72.4 मीट्रिक टन पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में उत्पादन 64.9 मीट्रिक टन रहा था। हालांकि, कोयले का उठाव दिसंबर, 2024 के 68.5 मीट्रिक टन से घटकर पिछले महीने 64.9 मीट्रिक टन रह गया। वहीं, अप्रैल-दिसंबर में कोयला उत्पादन में 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) का अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान ऋण वितरण 44 फीसदी बढ़कर 24,903 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने अप्रैल-दिसंबर, 2024 में 17,236 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया था। इस दौरान स्वीकृत कर्ज राशि 40,100 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 29 फीसदी अधिक है।