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Biz Updates: पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो में अहम समझौता; एआईएफ फंड के लिए सेबी के नए नियम
Fri, 31 Jul 2026 05:20 AM IST
Pavan
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:20 AM IST
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भारत को दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने के लिए पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो एयरलाइंस ने गुरुवार को एक समझौता (MoU) किया। यह सहयोग गैर-वित्तीय और गैर-विशिष्ट होगा। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत 'म' नाम से वैश्विक प्रचार अभियान चलाया जाएगा। अभियान में भारत की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थल, वेलनेस, एडवेंचर, वन्यजीव और अन्य पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका प्रचार डिजिटल और प्रिंट मीडिया, हवाई अड्डों, उड़ानों के दौरान, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेलों के जरिए किया जाएगा। पर्यटन मंत्रालय 'इन्क्रेडिबल इंडिया' ब्रांड से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराएगा, जबकि इंडिगो अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए भारत के पर्यटन का प्रचार करेगी। यह समझौता शुरुआती तौर पर दो वर्षों के लिए लागू रहेगा। इससे पहले 27 जुलाई को मंत्रालय ने एयर इंडिया के साथ भी इसी तरह का समझौता किया था।
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एआईएफ फंड के लिए सेबी के नए नियम
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) की नई योजनाओं को बाजार में तेजी से उतारने के लिए गरुड़ नाम से नया ग्रीन चैनल ढांचा जारी किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कीम लॉन्च की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। सेबी ने अपने सर्कुलर में कहा कि नए ढांचे के तहत नियमित एआईएफ स्कीमों के लिए आवदेन दाखिल करने के 10 दिनों में स्कीम लॉन्च की जा सकेगी। हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर खुदरा निवेशकों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि एआईएफ में आमतौर पर एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने वाले बड़े या मान्यता प्राप्त निवेशक ही भाग लेते हैं।
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) की नई योजनाओं को बाजार में तेजी से उतारने के लिए गरुड़ नाम से नया ग्रीन चैनल ढांचा जारी किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कीम लॉन्च की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। सेबी ने अपने सर्कुलर में कहा कि नए ढांचे के तहत नियमित एआईएफ स्कीमों के लिए आवदेन दाखिल करने के 10 दिनों में स्कीम लॉन्च की जा सकेगी। हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर खुदरा निवेशकों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि एआईएफ में आमतौर पर एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने वाले बड़े या मान्यता प्राप्त निवेशक ही भाग लेते हैं।
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वेदांता के नए सीईओ होंगे अरुण मिश्रा
खनन एवं धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. ने अरुण मिश्रा को सीईओ नियुक्त किया है। वह एक अगस्त 2026 से एक वर्ष के लिए पद संभालेंगे। 2026-27 की जून तिमाही में वेदांता का शुद्ध लाभ 71.8 फीसदी बढ़कर 5,473 करोड़ हो गया, जो पहले 3,185 करोड़ था।
खनन एवं धातु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. ने अरुण मिश्रा को सीईओ नियुक्त किया है। वह एक अगस्त 2026 से एक वर्ष के लिए पद संभालेंगे। 2026-27 की जून तिमाही में वेदांता का शुद्ध लाभ 71.8 फीसदी बढ़कर 5,473 करोड़ हो गया, जो पहले 3,185 करोड़ था।
महिंद्रा का मुनाफा 34% बढ़कर 5,455 करोड़
ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा को 2026-27 की पहली तिमाही में 34 फीसदी वृद्धि के साथ 5,455 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। पिछले वर्ष यह 4,083 करोड़ था। उधर, फूड डिलीवरी व क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी 791 करोड़ के नुकसान में रही। पिछले वर्ष के 1,197 करोड़ की तुलना में यह 34 फीसदी कम है।
ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा को 2026-27 की पहली तिमाही में 34 फीसदी वृद्धि के साथ 5,455 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। पिछले वर्ष यह 4,083 करोड़ था। उधर, फूड डिलीवरी व क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी 791 करोड़ के नुकसान में रही। पिछले वर्ष के 1,197 करोड़ की तुलना में यह 34 फीसदी कम है।
मारुति ने शुरू किया सबसे बड़ा वाहन संयंत्र
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने गुजरात के हंसलपुर विनिर्माण संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख वाहन कर दी है। अब यह सुजुकी का सबसे बड़ा यात्री वाहन उत्पादन केंद्र बन गया है। यह भारत का सबसे बड़ा कार संयंत्र भी होगा। शुरुआत में कंपनी यहां अपनी प्रमुख इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा का उत्पादन करेगी।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने गुजरात के हंसलपुर विनिर्माण संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख वाहन कर दी है। अब यह सुजुकी का सबसे बड़ा यात्री वाहन उत्पादन केंद्र बन गया है। यह भारत का सबसे बड़ा कार संयंत्र भी होगा। शुरुआत में कंपनी यहां अपनी प्रमुख इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा का उत्पादन करेगी।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत 57वें स्थान पर
भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में 82वें स्थान से 57वें स्थान पर पहुंच गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2010 से 2023 के बीच भारत ने 25 स्थान की छलांग लगाई है। विसंगतियां कम करके प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और नियामकीय ढांचा मजबूत करने वाले सुधारों ने भारत की स्थिति पहले से बेहतर की है।
भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में 82वें स्थान से 57वें स्थान पर पहुंच गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2010 से 2023 के बीच भारत ने 25 स्थान की छलांग लगाई है। विसंगतियां कम करके प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और नियामकीय ढांचा मजबूत करने वाले सुधारों ने भारत की स्थिति पहले से बेहतर की है।
आयकर रिटर्न भरने में देरी हुई, तो लगेगा 5,000 रुपये तक जुर्माना
अगर आप आयकर रिटर्न (आईटीआर) समय पर दाखिल करने से चूक गए तो आपको जुर्माने के रूप में मोटी रकम चुकानी पड़ सकती है। आयकर विभाग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी। अगर करदाता की कुल आय 5 लाख रुपये तक है तो उसे अधिकतम 1,000 रुपये जुर्माना देना होगा। आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये तक लेट फीस लगेगी। ऐसे करदाताओं को विलंबित रिटर्न दाखिल करना होगा। इन मामलों में रिफंड मिलने में देरी के साथ कुछ घाटों को अगले वर्षों में समायोजित करने का लाभ भी नहीं मिल पाता।
अगर आप आयकर रिटर्न (आईटीआर) समय पर दाखिल करने से चूक गए तो आपको जुर्माने के रूप में मोटी रकम चुकानी पड़ सकती है। आयकर विभाग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी। अगर करदाता की कुल आय 5 लाख रुपये तक है तो उसे अधिकतम 1,000 रुपये जुर्माना देना होगा। आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये तक लेट फीस लगेगी। ऐसे करदाताओं को विलंबित रिटर्न दाखिल करना होगा। इन मामलों में रिफंड मिलने में देरी के साथ कुछ घाटों को अगले वर्षों में समायोजित करने का लाभ भी नहीं मिल पाता।
- इन्हें मिलेगी 31 अगस्त तक राहत: आम धारणा यह है कि 31 जुलाई सभी करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख है। हालांकि, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा नहीं है। बजट में किए गए संशोधनों के बाद कुछ करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक आयकर रिटर्न दाखिल फाइल करने की राहत दी गई है। नए प्रावधानों के तहत गैर-ऑडिट वाले कारोबारी, पेशेवर एवं कुछ ट्रस्ट 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
- बहुत से करदाता आईटीआर फाइल करने की प्रक्रिया तो पूरी कर लेते हैं, लेकिन अपने रिटर्न को ई-वेरिफाई करना भूल जाते हैं। आयकर नियमों के अनुसार, फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आपका रिटर्न अमान्य माना जाता है और टैक्स रिफंड अटक सकता है।