Q1 Results: वेदांता का मुनाफा 72 फीसदी उछला, 5473 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ा; राजस्व में भी भारी वृद्धि
वेदांता लिमिटेड ने जून 2026 तिमाही में 5,473 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 72 फीसदी की वृद्धि है। धातु की ऊंची कीमतों और रुपये की कमजोर विनिमय दर से कंपनी का राजस्व 24,205 करोड़ रुपये रहा। रियल एस्टेट कारोबार के विभाजन को भी मंजूरी मिली।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खनन समूह वेदांता लिमिटेड ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 71.8 फीसदी बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि वैश्विक धातु की ऊंची कीमतों और रुपये की कमजोर विनिमय दर के कारण हुई। पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,185 करोड़ रुपये था।
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में परिचालन से राजस्व 53.6 फीसदी बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 15,754 करोड़ रुपये था। रिपोर्टिंग तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च बढ़कर 17,558 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष यह 13,203 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। वेदांता के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की है। उन्होंने सभी व्यावसायिक खंडों में मजबूत प्रदर्शन का उल्लेख किया। यह परिचालन दक्षता और मूल्य निर्माण पर निरंतर ध्यान का परिणाम है। कंपनी ने बताया कि वित्त लागत सालाना आधार पर नौ फीसदी अधिक रही। हालांकि, यह तिमाही आधार पर पांच फीसदी कम हुई है।
वेदांता का मुनाफा क्यों बढ़ा?
कंपनी के अनुसार, वैश्विक धातु की कीमतों में वृद्धि इसका एक प्रमुख कारण है। रुपये की विनिमय दर कमजोर होने से भी बिक्री में इजाफा हुआ। मजबूत बिक्री के कारण कंपनी को उच्च राजस्व प्राप्त हुआ। वेदांता के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय गोयल ने कहा कि कंपनी के विभाजन से शेयरधारक मूल्य में वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 71,000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ा है। निरंतर परिचालन से कर पश्चात लाभ 152 फीसदी बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के अन्य वित्तीय आंकड़े क्या कहते हैं?
कंपनी की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई 98 फीसदी बढ़कर 8,469 करोड़ रुपये हो गई। यह मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। 30 जून 2026 तक कंपनी का शुद्ध कर्ज 8,299 करोड़ रुपये था। यह पिछली तिमाही से 2,223 करोड़ रुपये कम हुआ है। यह कमी मुख्य रूप से परिचालन से नकदी प्रवाह के कारण हुई है। वेदांता लिमिटेड धातु, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी की एक प्रमुख वैश्विक उत्पादक है।
निदेशक मंडल ने कौन से महत्वपूर्ण निर्णय लिए?
निदेशक मंडल ने अरुण मिश्रा को कार्यकारी निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दी है। उन्हें 1 अगस्त 2026 से एक वर्ष के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी। निदेशक मंडल ने अपने रियल एस्टेट कारोबार के विभाजन को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण मूल्य को अनलॉक करना है। वेदांता लिमिटेड और वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बीच व्यवस्था की योजना को मंजूरी मिली।
आईआरएफसी का पहली तिमाही का मुनाफा 10 फीसदी बढ़कर 1927 करोड़ रुपये हुआ
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,927 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 10 फीसदी की वृद्धि है। कंपनी ने मुख्य आय में सुधार के कारण यह मुनाफा कमाया है।
रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली इस एनबीएफसी ने पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1,746 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। अप्रैल-जून 2026 की अवधि में कंपनी की कुल आय बढ़कर 8,391 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 6,918 करोड़ रुपये थी। हालांकि, ब्याज आय घटकर 1,148 करोड़ रुपये रह गई, जबकि पिछले साल यह 1,497 करोड़ रुपये थी।
इसी तिमाही में पट्टा आय बढ़कर 7,094 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 5,404 करोड़ रुपये थी। नवरत्न कंपनी का कुल खर्च मामूली रूप से घटकर 6,464 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 की इसी अवधि में 5,173 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज मार्जिन पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 1.53 फीसदी से घटकर 1.48 फीसदी हो गया।