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LPG Crisis: बिल में एलपीजी या ईंधन शुल्क जोड़ने वाले रेस्तरां पर होगी कार्रवाई, सीसीपीए ने जारी की चेतावनी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Wed, 25 Mar 2026 05:23 PM IST
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सार

सीसीपीए ने रेस्टोरेंट्स और होटलों द्वारा खाने के बिल में एलपीजी चार्ज या ईंधन चार्ज जोड़ने पर सख्त रोक लगा दी है। इसे अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया है। नए नियमों और अपने अधिकारों से जुड़ी यह खबर अभी पढ़ें।

CCPA guidelines restaurant hidden charges LPG charge in bill fuel cost recovery Consumer Protection Act 2019
एलपीजी संकट - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

अगर आप भी अक्सर होटल या रेस्तरां में खाना खाने जाते हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने बुधवार को होटल और रेस्तरां चलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि वे ग्राहकों से एलपीजी चार्ज और ईंधन के खर्च की वसूली न करें। सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत इन शुल्कों को अनुचित व्यापार व्यवहार करार देते हुए साफ किया मेन्यू में दर्ज कीमत के ऊपर केवल लागू कर ही जोड़े जा सकते हैं।

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शिकायतों के बाद सरकार का कड़ा एक्शन

सरकार का यह कदम नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर मिली लगातार शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है। शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि कई रेस्तरां मेन्यू में लिखी कीमत और लागू टैक्स के अलावा भी ग्राहकों के बिल में ईंधन के नाम पर वसूली कर रहे हैं। 

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सीसीपीए ने इस बात पर गंभीरता से ध्यान दिया है और पाया है कि रेस्तरां ऐसा करके असल में सर्विस चार्ज से जुड़े मौजूदा नियमों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। प्राधिकरण का मानना है कि इस तरह की प्रथाओं से न केवल पारदर्शिता खत्म होती है, बल्कि ग्राहकों पर बिना वजह का आर्थिक बोझ भी पड़ता है।

लागत को मेन्यू में करें शामिल, अलग से वसूली गैरकानूनी

सीसीपीए ने कहा है कि ईंधन, एलपीजी, बिजली और अन्य परिचालन खर्चे किसी भी व्यवसाय को चलाने का बुनियादी हिस्सा होते हैं। इसलिए, इन खर्चों को मेन्यू आइटम की कीमत तय करते समय ही उसमें शामिल किया जाना चाहिए।  इन परिचालन लागतों को अलग से एक अनिवार्य शुल्क के रूप में वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाएगा। 


उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत जारी नई एडवाइजरी में सीसीपीए ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  • किसी भी होटल या रेस्तरां को बिल में अपने आप या 'डिफॉल्ट' रूप से 'एलपीजी चार्ज', 'गैस चार्ज' या इस तरह के अन्य शुल्क नहीं जोड़ने चाहिए।
  • मेन्यू में दिखाई गई कीमत ही अंतिम कीमत होनी चाहिए, जिसमें केवल लागू टैक्स ही अलग से जुड़ेंगे।
  • ग्राहकों को न तो गुमराह किया जाना चाहिए और न ही उन्हें कोई ऐसा अतिरिक्त शुल्क देने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए जो उनकी इच्छा (स्वैच्छिक) पर निर्भर न हो।

सीसीपीए ने और क्या कहा है?

सीपीपीए ने साफ कर दिया है कि इन शुल्कों को चाहे जो भी नाम दिया जाए, ये असल में सर्विस चार्ज या अतिरिक्त फीस की श्रेणी में ही आते हैं। इन्हें ग्राहकों के बिल में बाय-डिफॉल्ट जोड़ना 4 जुलाई, 2022 को जारी सीसीपीए के दिशानिर्देशों का सीधा उल्लंघन है। प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी रेस्तरां या होटल इन नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

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