Gold Silver Price: चांदी 11250 रुपये उछली, सोना भी 4900 रुपये महंगा; जानिए सर्राफा बाजार का पूरा हाल
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी मजबूती दिखी है। बुधवार को चांदी 11,250 रुपये महंगी होकर 2.41 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 4,900 रुपये बढ़कर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और इस तेजी के कारणों की पूरी जानकारी आगे पढ़ें।
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार को बहुमूल्य धातुओं में पांच फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। चांदी 11,250 रुपये प्रति किलोग्राम उछलकर 2.41 लाख रुपये पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यह उछाल मजबूत वैश्विक रुझानों के कारण देखने को मिला।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सफेद धातु चांदी में 11,250 रुपये, यानी 4.89 फीसदी की भारी वृद्धि हुई। मंगलवार के 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से यह बढ़कर 2,41,250 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। इसी तरह, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने के दाम में भी 4,900 रुपये, यानी 3.38 फीसदी का इजाफा हुआ। यह पीली धातु सर्राफा बाजार में 1,44,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी, जो अब बढ़कर 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि बुधवार को घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में मजबूत सुधार देखा गया।
उन्होंने कहा कि बेहतर भू-राजनीतिक भावना ने तेल की कीमतों में गिरावट में योगदान दिया, जिससे सोने को मजबूती मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना 82.17 डॉलर, या लगभग दो फीसदी बढ़कर 4,556.55 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी दो फीसदी की तेजी के साथ 72.67 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
सर्राफा बाजार में तेजी का क्या कारण?
मीराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक प्रवीण सिंह ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष विराम की उम्मीदों से हाजिर सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। उन्होंने बताया कि इस उम्मीद से कच्चे तेल और डॉलर में गिरावट आई है, जिससे सोने को समर्थन मिला। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान को अमेरिका से संघर्ष विराम तक पहुंचने के लिए 15 सूत्री प्रस्ताव मिला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर आशावाद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो बातचीत में लगे हुए थे।
तेहरान के बातचीत से इनकार का बाजार पर क्या असर?
हालांकि, तेहरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी चल रही बातचीत से इंकार किया है। एक सैन्य प्रवक्ता ने बातचीत के दावों को खारिज कर दिया। इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर पारगमन शुल्क लगाना भी शुरू कर दिया है। इस कदम से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है। इन घटनाक्रमों का असर भी कीमती धातुओं के बाजार पर देखा जा रहा है।
घरेलू बाजार का रुख कहां से तय हो रहा?
घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में यह उछाल वैश्विक कारकों से प्रेरित है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी वैश्विक घटनाक्रमों का असर इन धातुओं की कीमतों पर बना रहेगा। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता पर नजर रखने की सलाह दी गई है।