फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Crude oil prices reaching $100 per barrel will impact the Indian economy: Experts

Crude: कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल होने से आर्थव्यवस्था पर क्या असर? विशेषज्ञों ने जताई ये आशंका

Fri, 24 Jul 2026 05:33 PM IST
Navita R Asthana बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Navita R Asthana Updated Fri, 24 Jul 2026 05:33 PM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है, तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ता है। इससे आयात बिल बढ़ने से चालू खाता घाटा (सीए) बढ़ सकता है, राजकोषीय घाटे के साथ रुपये पर दबाव बढ़ेगा। वहीं विदेशी पूंजी का आउटफ्लो बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन
Crude oil prices reaching $100 per barrel will impact the Indian economy: Experts
क्रूड तेल की कीमतों में उछाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। जिसकी वजह से भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरतों का लगभग 85 से 90 प्रतिशत आयात से पूरा करता है। विशेषज्ञों का कहना है, तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ता है। इससे आयात बिल बढ़ने से चालू खाता घाटा (सीए) बढ़ सकता है, राजकोषीय घाटे के साथ रुपये पर दबाव बढ़ेगा। वहीं विदेशी पूंजी का आउटफ्लो बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन

महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने की चिंता

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि से भारत की जीडीपी वृद्धि में 30 से 40 आधार अंकों की गिरावट आने की आशंका है। ईंधन की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ाती है, जिससे केंद्रीय बैंक (आरबीआई) को ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें उच्च स्तर पर बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

विज्ञापन

बाजार को कोई राहत नहीं

एचडीएफसी के एमडी एवं सीईओ धीरज रैली कहते हैं, बाजार में स्थिरता इस बात पर निर्भर करती है, कि आय में वृद्धि लगातार हो, सभी क्षेत्रों भी भागीदारी बढ़े और संस्थानों से स्थिर तरतला के साथ स्थिर मुद्रास्फीति, ब्याज दरें और मुद्रा पर कम दबाव कच्चे तेल की कीमतों जैसे अनुकूल मैक्रो परिदृय तथा भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी आने से होती है। लेकिन वर्तमान में बाजार को इस मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिल रही है। वे कहते हैं, यदि कच्चे तेल कीमतों में यह वृद्धि अस्थाई है तो स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन आय आधारित तेजी, जो तेल कीमतों में सामान्य होने, ब्याज दरों में कटौती और खपत आधारित आय में वृद्धि पर आधारित है, तो उनकी परीक्षा तब होगी जब कच्चे तेल की कीमतें दूसरी या तीसरी तिमाही में 90 डॉलर के बीच स्तर पर बनी रहेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कंपनियों की आय में पर असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर कहते हैं, आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट दबाव में रहने की संभावना है, क्योंकि तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मुख्य मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ की गति पर बुरा असर पड़ सकता है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी नए सिरे से मुद्रास्फीति के दबाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च बनाए रखने या और अधिक वृद्धि पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे बॉन्ड यील्ड में वृद्धि होगी, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी बहिर्वाह का खतरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से कंपनियों की आय और शेयर बाजारों में निरंतर सुधार मुश्किल बना रह सकता है।



कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान कहते हैं, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो महंगाई दर 5 प्रतिशत से 5.3 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जबकि भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर लगभग 6.25 हो सकती है। साथ ही चालू खाता घाटा बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जबकि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 तक कमजोर हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी जिससे कंपनियों की विनिर्माण, परिवहन और अन्य परिचालन लागत बढ़ सकती है, इससे उनके लाभ पर असर पड़ेगा, जिसका बोझ वे उत्पादों की कीमतों को बढ़ाकर उपभोक्ता पर डालेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed