Survey: दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय ₹5.31 लाख के पार, CM रेखा बोलीं यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से 2.5 गुना ज्यादा
दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक, प्रति व्यक्ति आय ₹5.31 लाख रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से 2.5 गुना अधिक है। वहीं, जीएसडीपी ₹13.27 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
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राजधानी दिल्ली की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बड़ा संकेत मिला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, चालू कीमतों पर दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में बढ़कर 5,31,610 रुपये होने का अनुमान है। यह 2024-25 के मुकाबले 7.92 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना अधिक रहने की संभावना है, जो राजधानी की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
जीएसडीपी को लेकर क्या अनुमान?
वहीं, 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 13,27,055 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 9.42 फीसदी की बढ़त को दिखाता है।
- राजकोषीय स्थिति पर नजर डालें तो बजट अनुमान (BE) 2025-26 में 9,661.31 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष रहने की उम्मीद है, जो GSDP का 0.73 फीसदी है।
- टैक्स कलेक्शन में भी मजबूती देखने को मिल रही है। सरकार ने 2025-26 के लिए कर संग्रह में 15.54 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
एक लाख करोड़ रुपये का कुल बजट
दिल्ली सरकार का कुल बजट एक लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे। यह पिछले साल के 39,000 करोड़ रुपये के मुकाबले बड़ा इजाफा है। सेक्टरवार खर्च में परिवहन को सबसे ज्यादा 20 फीसदी हिस्सा मिला है, इसके बाद सामाजिक सुरक्षा व कल्याण (17 फीसदी) और जल आपूर्ति व स्वच्छता (15 फीसदी) शामिल हैं।
दूसरे क्षेत्रों में क्या है स्थिति?
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी विस्तार देखा गया है। राजधानी में बिजली की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो एक दशक पहले 5,846 मेगावाट थी। जनवरी 2026 तक नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 509 मेगावाट हो गई है।
उद्योग क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग प्रमुख योगदानकर्ता बना हुआ है, जिसका ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडेड 50,144 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि, महंगाई का असर भी दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 के 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, यानी 4.9 फीसदी की वृद्धि।
परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिला है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या अप्रैल 2025 के 2,150 से बढ़कर मार्च 2026 में 4,338 हो गई है, जबकि कुल बस बेड़ा 6,100 है। दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन औसतन 67 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार हुआ है। दिसंबर 2025 तक सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़कर 15,659 हो गई है। प्रति 1,000 आबादी पर बेड की उपलब्धता बढ़कर 2.84 हो गई है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। चालू वित्त वर्ष में 4.40 लाख वरिष्ठ नागरिकों और 4.09 लाख जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिला।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 1,953 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 72.21 लाख लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जा रहा है, साथ ही एक किलो चीनी मुफ्त प्रदान की जा रही है।
वायु प्रदर्शन को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर में आंशिक सुधार दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पीएम2.5 और पीएम10 का वार्षिक औसत स्तर कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर 2015 के बाद सबसे कम रहा है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पीएम10 का औसत स्तर 209 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 का 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह आंकड़े 9 दिसंबर 2025 तक के डेटा पर आधारित हैं।