Rupees vs Dollar: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 94.01 के नए निचले स्तर पर बंद, जानिए करेंसी बाजार का हाल
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया सोवमार को 48 पैसे टूटकर 94.01 के नए ऐतिहासिक निचले स्तर (अस्थायी) पर बंद हुआ है। अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर इसके असर की विस्तृत जानकारी के लिए पूरी खबर पढ़ें।
विस्तार
सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यह 50 पैसे की गिरावट के साथ 94.03 पर बंद हुआ। रुपये ने पहली बार 94 का आंकड़ा पार किया है। वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी फंड का लगातार बहिर्वाह निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से रुपये पर दबाव बढ़ा। घरेलू शेयर बाजारों में तेज गिरावट ने भी स्थानीय मुद्रा को कमजोर किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.84 पर खुला था। दिन भर इसमें गिरावट जारी रही।
यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया। अंततः यह पिछले बंद भाव से 50 पैसे गिरकर 94.03 पर बंद हुआ। शुक्रवार को रुपया 64 पैसे गिरकर 93.53 पर बंद हुआ था। तब इसने पहली बार 93 का आंकड़ा पार किया था।
गिरावट के प्रमुख कारण क्या हैं?
मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। कमजोर घरेलू बाजारों के कारण भी रुपये पर दबाव रहा। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि एक बड़ा कारण रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों का बहिर्वाह भी रुपये के लिए नकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि बिगड़ती वैश्विक भावनाएं रुपये को दबाव में रख सकती हैं।
बाजार का क्या हाल है?
डॉलर इंडेक्स छह मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत मापता है। यह 0.14 फीसदी बढ़कर 99.78 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.11 फीसदी गिरकर 113.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,836.57 अंक या 2.46 फीसदी गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 484.30 अंक या 2.10 फीसदी गिरकर 22,630.20 पर आ गया।
क्या आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपये को मिल सकता है समर्थन?
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 5,518.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह शुद्ध आधार पर बिक्री थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार घटा है। 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह 7.052 अरब अमेरिकी डॉलर कम हुआ। कुल विदेशी मुद्रा भंडार 709.759 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। अनुज चौधरी ने उम्मीद जताई कि रिजर्व बैंक का समय-समय पर हस्तक्षेप रुपये को निचले स्तरों पर समर्थन दे सकता है।