Biz Updates: सोने में 40 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट, कीमतें फिसलकर 4354 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में बीते एक हफ्ते में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले 40 वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। सोने की कीमतें गिरकर 4,354 डॉलर प्रति औंस तक आ गई हैं।
13 मार्च को करीब 5,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा सोना 23 मार्च तक तेज गिरावट के साथ नीचे आ गया। इससे पहले यह कीमती धातु 5,595.51 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू चुकी थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच सोना फिलहाल अपने पारंपरिक सेफ हेवन (सुरक्षित निवेश) की भूमिका निभाने में कमजोर पड़ा है, जबकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में आई यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए निवेश के नए अवसर पैदा कर सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकाल में सोने की मांग मजबूत बनी रह सकती है, जिससे निवेशकों को भविष्य में फायदा मिल सकता है।
पश्चिम एशिया संकट से खाद आपूर्ति पर खतरा, खरीफ सीजन से पहले बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत की खाद आपूर्ति पर पड़ता दिख रहा है। केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, बोआई के अहम खरीफ सीजन से पहले देश को खाद आयात में बाधा का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपने कुल खाद आयात का करीब 26.2% हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से करता है, जिससे मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच आपूर्ति बाधित होने का जोखिम बढ़ गया है। इसके अलावा जॉर्डन से 19.2%, रूस से 15.5%, मोरक्को से 10.4%, चीन से 5.7%, मिस्र से 5.6%, कनाडा से 3.8% और टोगो से 3.6% आयात होता है, जबकि अन्य देशों की हिस्सेदारी करीब 10% है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली सप्लाई पर असर पड़ा है, जो वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए एक अहम मार्ग है। इस वजह से भारत के लिए खाद आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब देश खरीफ सीजन की तैयारी कर रहा है और साथ ही एल नीनो की आशंका भी बनी हुई है, जिससे कृषि क्षेत्र पर दबाव और बढ़ सकता है।