फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Diesel and ATF Export Duties Hiked, Petrol Export Levy Slashed to Secure Domestic Fuel Supply

Windfall Tax: पेट्रोलियम निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव, सरकार ने डीजल और एटीएफ पर बढ़ाया कर

Thu, 16 Jul 2026 10:03 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 16 Jul 2026 10:03 AM IST
सार

सरकार ने 16 जुलाई से पेट्रोलियम निर्यातों पर विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया है। डीजल और एटीएफ पर टैक्स बढ़ा, जबकि पेट्रोल पर कटौती हुई। इसका पूरा असर जानने के लिए पढ़ें हमारी विस्तृत रिपोर्ट।

विज्ञापन
Diesel and ATF Export Duties Hiked, Petrol Export Levy Slashed to Secure Domestic Fuel Supply
विमानन ईंधन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (अप्रत्याशित लाभ कर) में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर टैक्स बढ़ा दिया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कटौती की है। ये नई दरें 16 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। इस नीतिगत कदम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर निर्यातकों द्वारा कमाए जा रहे अप्रत्याशित मुनाफे को नियंत्रित करना और घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन

डीजल, पेट्रोल और एटीएफ पर टैक्स दरों में क्या बदलाव हुए हैं?

सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) के तहत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में निम्नलिखित संशोधन किए हैं:
  • डीजल निर्यात: डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • विज्ञापन
  • विमान ईंधन (एटीएफ): विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के निर्यात पर भी टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • पेट्रोल निर्यात: पेट्रोल निर्यातकों के लिए राहत की खबर है। पेट्रोल पर लगने वाले निर्यात शुल्क को चार रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

घरेलू ईंधन उपभोक्ताओं पर इस फैसले का क्या असर पड़ेगा?

घरेलू स्तर पर वाहन चलाने वाले आम उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए राहत की बात यह है कि इस टैक्स संशोधन से देश के भीतर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोग के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह टैक्स केवल उन पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होता है जिन्हें रिफाइनिंग कंपनियां विदेशों में निर्यात करती हैं।

सरकार ने यह सख्त कदम क्यों उठाया है?

इस नीतिगत निर्णय के पीछे सरकार के दो प्रमुख उद्देश्य हैं:
  • घरेलू उपलब्धता बढ़ाना: पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। ऐसे में सरकार चाहती है कि भारतीय रिफाइनरियां विदेशों में अधिक निर्यात करने के बजाय घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखें।
  • अनुचित लाभ को रोकना: पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। भारतीय रिफाइनर कंपनियां घरेलू ईंधन को बाहर महंगे दामों पर बेचकर असाधारण मुनाफा न कमाएं, इसलिए सरकार निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए यह टैक्स वसूलती है।

इस टैक्स की शुरुआत कब हुई थी और इसे कैसे बदला जाता है?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर, सरकार ने सबसे पहले 27 मार्च को डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क लगाने की शुरुआत की थी। इसके बाद, 16 मई से पेट्रोल पर भी निर्यात शुल्क लागू कर दिया गया। सरकार हर पखवाड़े वैश्विक बाजार की कीमतों और कच्चे तेल की स्थितियों की समीक्षा करती है और उसी के अनुसार इन दरों को समायोजित किया जाता है।

अब आगे क्या?

डीजल और एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाने का यह निर्णय देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार ने जहां एक ओर डीजल और एटीएफ के निर्यात को हतोत्साहित कर देश के भीतर इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की है, वहीं पेट्रोल पर शुल्क घटाकर रिफाइनरियों को थोड़ी राहत भी दी है। वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में, पखवाड़े दर पखवाड़े होने वाले ये नीतिगत सुधार घरेलू अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने में मददगार साबित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed