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भारत में प्रोडक्ट डिजाइन नहीं तो रुकेगा सरकारी फंड: आईटी मंत्री की कंपनियों को सख्त चेतावनी, जानें सबकुछ

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Mon, 30 Mar 2026 05:40 PM IST
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सार

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए बड़ी खबर। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ किया है कि भारत में प्रोडक्ट डिजाइन और क्वालिटी पर निवेश नहीं करने वाली कंपनियों को ईसीएमएस स्कीम का सरकारी फंड नहीं मिलेगा। जानिए सरकार की नई शर्तों और इस बड़े फैसले का पूरी इंडस्ट्री पर क्या असर होगा, विस्तृत जानकारी के लिए अभी पढ़ें।

Electronics Manufacturing India Ashwini Vaishnaw Product Design ECMS Scheme Government Funding IT Ministry
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को साफ कर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) में शामिल कंपनियों को सरकारी सहायता तभी मिलेगी, जब वे भारत में उत्पाद के डिजाइन पर गंभीरता से निवेश करेंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन और समर्थन इस बात से जुड़े होंगे कि कंपनियां देश में डिजाइन, क्वालिटी और इंजीनियरिंग क्षमताओं का कितना विकास कर रही हैं। 

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कंपनियों ने अपेक्षा के अनुरुप कदम नहीं उठाए तो रुकेगी फंडिंग

मंत्री ने चेताया कि अगर कंपनियां सरकार की चार प्रमुख मांगों पर काम नहीं करती हैं, तो वह अगली इंडस्ट्री मीटिंग में शामिल भी नहीं होंगी। वैष्णव ने कहा कि कंपनियों द्वारा डिजाइन और क्वालिटी क्षमताओं को विकसित करने की गति से वे निराश हैं, और अगर सुधार नहीं हुआ तो सरकार कड़े फैसले लेने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर इंडस्ट्री हमारी अपेक्षाओं के मुताबिक कदम नहीं उठाती है, तो हम आगे की मंजूरी और फंडिंग रोक सकते हैं।"

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सरकार की अपेक्षाओं को बताते हुए मंत्री ने कहा कि कंपनियों को केवल असेंबली या बेसिक मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कॉन्सेप्चुअल डिजाइन, इंजीनियरिंग डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग डिजाइन तक अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, उनमें भी अगर शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो फंड जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "जिन आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, उनमें भी हम पैसा नहीं देंगे अगर हमारी शर्तें पूरी नहीं हुईं।"

असली वैल्यू तभी बनती है, जब डिजाइन भारत में किया जाता है: अश्विनी वैष्णव

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इस स्कीम के चौथे चरण में 29 आवेदनों को मंजूरी दी है, जिनमें कुल 7,104 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है। ईसीएमएस के तहत कुल 59,350 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य था, जबकि अब तक 61,671 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। वैष्णव ने कहा कि असली वैल्यू तभी बनती है, जब डिजाइन भारत में किया जाता है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग जरूरी है, लेकिन डिजाइन का महत्व उससे ज्यादा है क्योंकि यह ज्यादा जटिल और रणनीतिक प्रक्रिया है।


वैश्विक गुणवत्ता मानकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर की क्वालिटी के लिए सिक्स सिग्मा जैसी प्रक्रियाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा, "यह होना ही चाहिए; इसके बिना प्रोडक्ट पूरा नहीं माना जाएगा।" उन्होंने विश्वसनीयता, सटीकता और निरंतरता पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया। मंत्री ने उद्योग से यह भी अपील की कि वे स्किल्ड मैनपावर तैयार करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे इकोसिस्टम को सहायता पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनियों को खुद आगे आकर डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुशल प्रतिभा तैयार करनी होगी।

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