{"_id":"69ca73deb39778115101af4e","slug":"tds-on-bank-interest-income-tax-department-tds-threshold-limit-senior-citizen-tax-exemption-new-income-tax-act-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: ₹50,000 से अधिक की ब्याज आय पर ही कटेगा टीडीएस, आयकर विभाग ने साफ की स्थिति","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: ₹50,000 से अधिक की ब्याज आय पर ही कटेगा टीडीएस, आयकर विभाग ने साफ की स्थिति
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kumar Vivek
Updated Mon, 30 Mar 2026 06:30 PM IST
विज्ञापन
सार
क्या बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज पर कटेगा टीडीएस? आयकर विभाग ने नए आयकर अधिनियम 2025 के तहत टीडीएस कटौती के नियमों और 50,000 रुपये की सीमा पर अहम जानकारी दी है। बैंकिंग नियमों में हुए इस बड़े बदलाव और अनुपालन की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
आयकर विभाग ने बैंक और पोस्ट ऑफिस की जमा राशियों पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स कटौती (टीडीएस) के नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में विभाग ने कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत शासित होने वाली सभी "बैंकिंग कंपनियों" को निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज आय होने पर ही टीडीएस काटना होगा। यह कदम नए आयकर अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद बैंकिंग संस्थानों की परिभाषा और उनके अनुपालन को लेकर उत्पन्न हुए तकनीकी भ्रम को दूर करने के लिए उठाया गया है।
आम और वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या है टीडीएस की सीमा?
आयकर कानून के मौजूदा प्रावधानों के तहत जमाकर्ताओं के लिए टीडीएस कटौती की सीमाएं स्पष्ट रूप से परिभाषित की गई हैं। नियमों के अनुसार:
पुराने आयकर अधिनियम, 1961 में बैंकिंग कंपनी के दायरे में न केवल वे कंपनियां शामिल थीं जिन पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 लागू होता था, बल्कि उस अधिनियम की धारा 51 के तहत आने वाले बैंक या बैंकिंग संस्थान भी साफ तौर पर शामिल थे। नए कानून में धारा 51 का सीधा उल्लेख न होने से जो असमंजस बना था, उस पर विभाग ने साफ किया है कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की मौजूदा धारा 51 के प्रभाव से, ऐसे सभी बैंक और संस्थान बिना किसी स्पष्ट उल्लेख के भी नए आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402 के तहत बैंकिंग कंपनी ही माने जाएंगे।
Trending Videos
आम और वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या है टीडीएस की सीमा?
आयकर कानून के मौजूदा प्रावधानों के तहत जमाकर्ताओं के लिए टीडीएस कटौती की सीमाएं स्पष्ट रूप से परिभाषित की गई हैं। नियमों के अनुसार:
- यदि किसी सामान्य नागरिक को एक वित्तीय वर्ष में बैंक या पोस्ट ऑफिस जमा से 50,000 रुपये से अधिक का ब्याज मिलता है, तो उस पर स्रोत पर कर कटौती की जाएगी।
- वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए यह सीमा एक लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष तय की गई है।
- आयकर विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि धारा 393 (1) में दी गई इस तय सीमा से कम राशि होने पर ऐसे किसी भी बैंक या बैंकिंग संस्थान को आयकर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नए आयकर कानून 2025 में बैंकिंग कंपनी की परिभाषा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट में, आयकर विभाग ने नए कर कानूनों के तहत टीडीएस कटौती से जुड़े तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाया। नए आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402 के तहत, एक बैंकिंग कंपनी वह है जिस पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के प्रावधान लागू होते हैं।पुराने आयकर अधिनियम, 1961 में बैंकिंग कंपनी के दायरे में न केवल वे कंपनियां शामिल थीं जिन पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 लागू होता था, बल्कि उस अधिनियम की धारा 51 के तहत आने वाले बैंक या बैंकिंग संस्थान भी साफ तौर पर शामिल थे। नए कानून में धारा 51 का सीधा उल्लेख न होने से जो असमंजस बना था, उस पर विभाग ने साफ किया है कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की मौजूदा धारा 51 के प्रभाव से, ऐसे सभी बैंक और संस्थान बिना किसी स्पष्ट उल्लेख के भी नए आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402 के तहत बैंकिंग कंपनी ही माने जाएंगे।
अब आगे क्या?
इस तकनीकी स्पष्टीकरण से देश के लाखों जमाकर्ताओं के बीच टीडीएस कटौती को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और उन्हें अकारण टैक्स कटने की चिंता नहीं सताएगी। साथ ही, देश के सभी बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के लिए भी अनुपालन का रास्ता साफ हो गया है। इससे वित्तीय वर्ष के अंत में कर कटौती की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी और किसी भी प्रकार के विधिक या तकनीकी विवाद की गुंजाइश नहीं रहेगी।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन