फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   ESIC's New Amnesty Scheme Extended Till December 31, 2026: A Boon for Employers

श्रम मंत्रालय: ईएसआईसी न्यू एमनेस्टी स्कीम 2026 तक बढ़ी, नियोक्ताओं-बीमा के लाभुकों को कैसे मिलेगी राहत?

Thu, 29 Oct 2026 02:27 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 29 Oct 2026 02:27 PM IST
सार

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने न्यू एमनेस्टी स्कीम, 2025 को तीन महीने के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दिया है। इससे नियोक्ताओं और बीमाकृत व्यक्तियों को लंबित मामलों को निपटाने के लिए अधिक समय मिलेगा, जिससे अदालती मामलों का बोझ कम होगा और कारोबार करने में सुगमता बढ़ेगी।

विज्ञापन
ESIC's New Amnesty Scheme Extended Till December 31, 2026: A Boon for Employers
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) - फोटो : ESIC

विस्तार

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने न्यू एमनेस्टी स्कीम, 2025 को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह स्कीम अब 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी। श्रम मंत्रालय के एक बयान में यह जानकारी दी गई है। इस विस्तार से नियोक्ताओं और बीमाकृत व्यक्तियों को अपने लंबित मामलों को निपटाने के लिए अधिक समय मिलेगा।

विज्ञापन


विभिन्न हितधारकों से मिले अनुरोधों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। न्यू एमनेस्टी स्कीम, 2025 मूल रूप से 1 अक्तूबर, 2025 से 30 सितंबर, 2026 तक चलनी थी। अब इसे 1 अक्तूबर, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार मौजूदा नियमों और शर्तों पर ही लागू होगा। यह एक बार की विवाद समाधान पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य अदालती मामलों के लंबित बोझ को कम करना है। साथ ही, पूर्ववर्ती ईएसआई अधिनियम के तहत अनुपालन को बढ़ावा देना भी इसका लक्ष्य है।

विज्ञापन

क्या है यह न्यू एमनेस्टी स्कीम?

यह स्कीम नियोक्ताओं को ईएसआईसी के साथ अपने कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए एक संरचित तंत्र प्रदान करती है। इसके तहत अदालत के बाहर समझौता करने का अवसर मिलता है। स्कीम तदर्थ आकलन के निपटान की अनुमति देती है। इसमें नियोक्ता वास्तविक योगदान और ब्याज का भुगतान कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

किन मामलों में मिलेगी राहत?

जिन मामलों में नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया का भुगतान कर दिया है, उन्हें भी वापस लिया जा सकता है। इसके लिए विवादित जुर्माने का 10 फीसदी भुगतान करना होगा। ईएसआईसी द्वारा रिकॉर्ड जमा न करने या विलंबित भुगतान के लिए दायर किए गए मामले भी वापस लिए जा सकते हैं। यदि बाद में अनुपालन किया गया हो, तो अदालत की अनुमति से इन्हें वापस लिया जा सकता है। 31 मार्च, 2025 तक दायर किए गए अदालती मामले इस स्कीम के तहत पात्र हैं।

इस विस्तार से क्या लाभ होगा?

इस विस्तार से पात्र नियोक्ताओं और बीमाकृत व्यक्तियों को स्कीम के लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। न्यू एमनेस्टी स्कीम, 2025 विवाद समाधान का एक व्यावहारिक और नियोक्ता-अनुकूल मार्ग है। यह सरकार के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करती है। इसका उद्देश्य कारोबार करने में सुगमता बढ़ाना है। साथ ही, यह ईएसआईसी द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले नागरिकों के अधिकारों को भी बनाए रखती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed