फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits

एक्सप्लेनर: आईआरडीए ने मिस-सेलिंग पर सख्ती के लिए बदलाव का दिया प्रस्ताव, क्या बीमा खरीदारों को मिलेगी राहत?

Fri, 25 Sep 2026 11:36 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 25 Sep 2026 11:36 AM IST
सार

आईआरडीएआई ने बीमा वितरण ढांचे में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। मिस-सेलिंग रोकने, बैंक इंसेंटिव पर रोक और प्रबंधन खर्च (EoM) घटाने के लिए जानिए नए नियम। पूरी खबर पढ़ें!

विज्ञापन
Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits
गलत दावों के साथ बीमा बेचने पर लगाम लगाने की तैयारी। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आरईआरडीए) ने देश के पूरे बीमा वितरण ढांचे में व्यापक बदलाव करने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। बीमा नियामक ने 24 सितंबर 2026 को रीकैलिब्रेटिंग इकोनॉमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन शीर्षक से एक सार्वजनिक परामर्श पत्र जारी किया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बीमा क्षेत्र में एक सरल तीन-स्तरीय संरचना लागू करना, प्रबंधन खर्चों की सीमा को घटाना, कमीशन ढांचे को संशोधित करना और पॉलिसी की गलत बिक्री के खिलाफ सुरक्षात्मक उपायों को मजबूत करना है। नियामक का यह कदम बीमा वितरण संरचना, प्रबंधन खर्चों, कमीशन, बाजार के व्यवहार, पारदर्शिता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

विज्ञापन

Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits
आईआरडीएआई का प्रस्ताव। - फोटो : amarujala.com

बीमा वितरण और कमीशन में पारदर्शिता लाने के लिए क्या प्रस्ताव हैं?

प्रस्तावित नियमों के तहत, बीमा कंपनियों और बड़ी वितरण संस्थाओं के लिए अपनी कमीशन नीतियों और संरचनाओं को बेहद सरल और सुलभ तरीके से सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, निर्दिष्ट वाणिज्यिक पॉलिसियों में भी कमीशन का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा। इससे ग्राहकों को पॉलिसी की कुल कीमत में शामिल वितरण लागत की सटीक जानकारी मिल सकेगी। नियामक का मानना है कि कमीशन संरचना के पारदर्शी होने से पॉलिसीधारकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्पादों के प्रीमियम को तर्कसंगत बनाने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits
आईआरडीएआई का प्रस्ताव। - फोटो : amarujala.com

मिस-सेलिंग को रोकने के लिए कौन से कड़े कदम उठाए जाएंगे?

बीमा की गलत बिक्री और अन्य वित्तीय उत्पादों के साथ बीमा पॉलिसी को जबरन जोड़ने पर अंकुश लगाने के लिए परामर्श पत्र में कई सख्त प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। 

प्रस्तावित प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:
ग्राहक आवश्यकताओं का दस्तावेज: बीमा बेचते समय ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों और उत्पाद की उपयुक्तता का दस्तावेजीकरण करना अनिवार्य होगा।

  • कमीशन की नई परिभाषा: सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष पारिश्रमिक को कमीशन की विनियामक परिभाषा के दायरे में लाया जाएगा।
  • इसेंटिव: प्रोत्साहन पर रोक बीमा बेचने वाले बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के कर्मचारियों के लिए वॉल्यूम-लिंक्ड या रिवॉर्ड-लिंक्ड इंसेंटिव देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
  • विक्रेता टैगिंग और क्लॉ-बैक: प्रत्येक पॉलिसी के साथ व्यक्तिगत विक्रेता की पहचान जोड़ी जाएगी, मिस-सेलिंग की घटनाओं को सार्वजनिक किया जाएगा और गलत बिक्री साबित होने पर दिए गए कमीशन को वापस लेने की अनुमति होगी।
विज्ञापन

Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits
आईआरडीएआई का प्रस्ताव। - फोटो : amarujala.com

बीमा कंपनियों के खर्च (EoM) की सीमाओं में कितनी कटौती का प्रस्ताव है?

सुधारों का एक प्रमुख हिस्सा बीमाकर्ताओं के प्रबंधन व्यय (Expense of Management - EoM) की सीमाओं को घटाना है। 

प्रस्तावित कटौती का विवरण:

  • जीवन बीमाकर्ता: जीवन बीमा कंपनियों के लिए EoM सीमा को कंपनी स्तर पर ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (जीडीपीआई) से जोड़ा जाएगा। इसे दो साल के भीतर घटाकर 15 प्रतिशत और पांच साल के भीतर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
  • सामान्य बीमाकर्ता: सामान्य बीमा कंपनियों के लिए गणना का आधार ग्रॉस रिटेन प्रीमियम (GWP) से बदलकर घरेलू जीडीपीआई किया जाएगा। इसके साथ ही, EoM सीमा को पांच साल के भीतर GWP के 30 प्रतिशत से घटाकर जीडीपीआई के 20 प्रतिशत पर लाया जाएगा।

Explainer Major Overhaul of Insurance Distribution Framework to Curb Mis-Selling and Lower Expense Limits
संपत्ति बीमा - फोटो : Freepik

बीमा क्षेत्र और ग्राहकों पर इस बदलाव का क्या प्रभाव पड़ेगा?

इन विनियामक बदलावों का बीमा उद्योग के संचालन और उपभोक्ता अधिकारों पर गहरा सकारात्मक असर पड़ेगा। बैंक और एनबीएफसी के कर्मचारियों पर बिक्री का अनुचित दबाव खत्म होने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक बीमा पॉलिसी खरीदने से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा, प्रबंधन खर्च में कटौती और पारदर्शी कमीशन संरचना से बीमा कंपनियों का परिचालन खर्च कम होगा, जिसका सीधा लाभ भविष्य में ग्राहकों को अधिक पारदर्शी सेवाओं के रूप में मिलेगा।

बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता की दिशा में अगला कदम क्या होगा?

आईआरडीएआई द्वारा प्रस्तावित यह नया ओवरहाल बीमा उद्योग में जवाबदेही और पारदर्शिता का एक नया दौर शुरू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सार्वजनिक परामर्श पत्र पर उद्योग जगत और हितधारकों की राय मिलने के बाद इन विनियामक नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे भविष्य में मिस-सेलिंग पर स्थायी रोक लग सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed