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Cash Withdraw: दिवाली पर खर्च के लिए लोगों ने बैंकों से निकाले 69000 करोड़, जमा घटकर 172.03 लाख करोड़ रहा

Wed, 09 Nov 2022 06:16 AM IST
देव कश्यप अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 09 Nov 2022 06:16 AM IST
सार

आंकड़ों के अनुसार, लोगों ने 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की उधारी भी ली, जिससे बैंकों का कुल कर्ज 128.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 128.89 लाख करोड़ पर पहुंच गया। त्योहारी सीजन बीतने के बाद बैंकों के पास नवंबर के पहले तीन दिनों में 71,090 करोड़ की तरलता बढ़ी है।

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For spending on Diwali people withdrew 69000 crores RS from banks deposits decreased to 172.03 lakh crores
पैसा निकासी के लिए लगी लोगों की भीड़ (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्योहारी सीजन में लोगों की खरीदी का सीधा असर बैंकों के जमा पर दिखा है। 21 अक्तूबर के हफ्ते में बैंकों का जमा 69,000 करोड़ रुपये घटकर 172.03 लाख करोड़ रह गया, जो सात अक्तूबर को 172.72 लाख करोड़ रुपये था। 

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आंकड़ों के अनुसार, लोगों ने 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की उधारी भी ली, जिससे बैंकों का कुल कर्ज 128.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 128.89 लाख करोड़ पर पहुंच गया। त्योहारी सीजन बीतने के बाद बैंकों के पास नवंबर के पहले तीन दिनों में 71,090 करोड़ की तरलता बढ़ी है। बैंकों का कुल कर्ज सालाना आधार पर 17.9% बढ़ा है। जबकि जमा में केवल 9.5 फीसदी की बढ़त आई है। वैसे इस साल जनवरी से देखें तो जमा की तुलना में बैंकों का कर्ज ज्यादा बढ़ा है।
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बैंक खुदरा कर्ज  बढ़त
एसबीआई 10.74  18.84%
केनरा बैंक 1.34 12.52%
बैंक ऑफ बड़ौदा 1.58  28.40%
पीएनबी 1.55 16.95%
एचडीएफसी 5.80 20.20%
आईसीआईसीआई 4.78 25.00%
(आंकड़े लाख करोड़ रु. में, वृद्धि पिछले साल की तुलना में)

  
13 लाख करोड़ बढ़ा जमा 
जनवरी में बैंकों का कुल जमा 159.82 लाख करोड़ रुपये था जबकि कर्ज 112.76 लाख करोड़ था। अप्रैल में जमा बढ़कर 167.42 लाख करोड़ और कर्ज 119.88 लाख करोड़ हो गया। जून तक जमा में गिरावट आई और यह 165.69 लाख करोड़ रुपये रहा। कर्ज में लगातार बढ़ोतरी जारी रही और यह 121.49 लाख करोड़ रुपये रहा। जुलाई के बाद जमा और कर्ज दोनों में जमकर तेजी आई। सितंबर में जमा जहां 170.56 लाख करोड़ हो गया वहीं कर्ज बढ़कर 125.51 लाख करोड़ रुपये हो गया। 
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जोखिम से बचने को उपाय नहीं कर रहे बैंक : एसबीआई
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में वृद्धि के कारण कम होती तरलता के बीच एसबीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि बैंक संपत्ति और देनदारी में जोखिम का सही निर्धारण नहीं कर रहे हैं। ये ऐसे समय पर किया जा रहा है जब उधारी की मांग एक दशक के उच्च स्तर 18% पर पहुंच गई है। जमा की वृद्धि दर काफी पीछे है। तरलता कम होने का प्रमुख कारण आरबीआई की ओर से ब्याज दर बढ़ाना है। महंगाई को कम करने के लिए आरबीआई ने मई से अब तक ब्याज दरों में 1.90 फीसदी की वृद्धि की है।


सरकार ने दिवाली में नकदी का बड़ा हिस्सा खर्च किया
रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्याज दर बढ़ने से पहले बैंकिंग प्रणाली में अप्रैल, 2022 में एवरेज नेट ड्यूरेबल लिक्विडिटी 8.3 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 3 लाख करोड़ रुपये के करीब रह गया है। सरकार ने दिवाली के हफ्ते में कैश बैलेंस का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है, जिससे कुछ सुधार हुआ है।

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