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संकट में सोने का सहारा: गोल्ड ETF निवेश 6 गुना बढ़कर 31561 करोड़, प्रबंधित परिसंपत्तियां 1.71 लाख करोड़ पहुंचीं

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 15 Apr 2026 07:07 AM IST
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सार

वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में गोल्ड ईटीएफ में भारी निवेश किया है, जहां जनवरी-मार्च 2026 में इसमें 31,561 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज हुआ जो पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक है। इसी अवधि में गोल्ड ईटीएफ की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां भी बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जिससे साफ है कि सोने में निवेश की मांग तेजी से बढ़ी है। पढ़िए रिपोर्ट-

gold etf investment surges assets under management record 171 lakh crore march end
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock
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विस्तार

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने जैसी कीमती धातु पर भरोसा जताया है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में गोल्ड ईटीएफ (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में जबरदस्त निवेश देखने को मिला। भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च अवधि के दौरान गोल्ड ईटीएफ में कुल 31,561 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब छह गुना अधिक है। जनवरी-मार्च 2025 में यह आंकड़ा 5,654 करोड़ रुपये था।
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मजबूत निवेश के चलते गोल्ड ईटीएफ की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां (एयूएम) मार्च 2026 के अंत तक लगभग तीन गुना बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हो गईं जो एक साल पहले 58,888 करोड़ रुपये थी। मार्च महीने में गोल्ड ईटीएफ में 2,266 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो फरवरी के 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी के 24,040 करोड़ की तुलना में कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रिटर्न और बाजार में अस्थिरता के कारण सोना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट की वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम ने कहा, जनवरी में निवेश में असामान्य उछाल मुख्य रूप से जोखिम से बचाव की रणनीति, पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन और सोने की कीमतों में तेजी के कारण आया। मार्च में प्रवाह धीमा होने के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
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2266 करोड़ का शुद्ध निवेश आया मार्च में 6 गुना बढ़त हुई एक साल में गोल्ड लोन बाजार 3.8 गुना बढ़ा
मार्च 2022 से भारत का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 3.8 गुना बढ़ गया है। ट्रांसयूनियन सिबिल की गोल्ड लोन लैंडस्केप रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ने तेज रफ्तार से विस्तार किया है। इसके साथ ही गोल्ड लोन देश का दूसरा सबसे बड़ा फुटकर क्रेडिट उत्पाद बन गया है।

कुल खुदरा उधार में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी मार्च 2022 के 5.9 फीसदी से बढ़कर अब 11.1 फीसदी हो गई है। औसत गोल्ड लोन अधिशेष इस अवधि में बढ़कर मार्च 2022 के 1.1 लाख रुपये से दिसंबर 2025 में 1.9 लाख रुपये तक पहुंच गया।

ये भी पढ़ें: आईएमएफ की रिपोर्ट: वैश्विक झटकों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक उड़ान, 2025 में 7.6% विकास दर का अनुमान

नए ऋण वितरण का मूल्य 5.1 गुना जबकि मात्रा 2.3 गुना बढ़ी है। गोल्ड लोन में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 57 से बढ़कर 62 फीसदी हो गई है। एनबीएफसी की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है।

क्या होता है गोल्ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश करने का एक डिजिटल तरीका है। इसमें कारोबार शेयर बाजार के जरिये होता है। यह म्यूचुअल फंड जैसा है, जिसकी एक यूनिट आमतौर पर 1 ग्राम भौतिक सोने (99.5 फीसदी शुद्धता) के बराबर होती है। इसकी इकाइयां डीमैट रूप में होती हैं। डीमैट खाते के जरिए इसे आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। निवेशकों को सोने के दाम के उतार-चढ़ाव का लाभ भी मिलता है।




 
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