Gold Silver Price Today: दिल्ली में सोना-चांदी चार फीसदी तक लुढ़के, जानिए सर्राफा बाजार का पूरा हाल
वैश्विक तनावपू्र्ण माहौल के बीच राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दिखी है। सोना 11000 रुपये सस्ता हो गया है, वहीं चांदी भी 20000 रुपये फिसल गई है। आइए जानते हैं सर्राफा बाजार का विस्तृत हाल।
विस्तार
मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक मौद्रिक नीति में दर कटौती की अनिश्चितता के कारण शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कीमती धातुओं की कीमतों में चार फीसदी तक की गिरावट आई। चांदी 11,000 रुपये गिरकर 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, सोना 2,000 रुपये फिसलकर 1,63,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी 3.97 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुई, जो गुरुवार के 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से कम है। सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 1,63,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 1,65,200 रुपये प्रति दस ग्राम पर था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने बताया कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर मजबूत अमेरिकी डॉलर और मौद्रिक नीति में ढील की बदलती उम्मीदों का लगातार दबाव रहा।
उन्होंने कहा कि ईरान में बढ़ते संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे मुद्रास्फीति की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इससे केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक सख्त रुख बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। परमार ने कहा, "हालांकि अल्पकालिक अस्थिरता और व्यापारियों द्वारा लंबी बिकवाली जारी रह सकती है, लेकिन दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। एक बार भू-राजनीतिक तनाव स्थिर होने के बाद, केंद्रीय बैंक अधिग्रहण और खुदरा निवेश में फिर से वृद्धि से कीमतों को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।" अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर चांदी लगभग एक फीसदी की गिरावट के साथ 83.14 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि सोना मामूली रूप से बढ़कर 5,088 डॉलर प्रति औंस पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के कारण
चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक आमिर मकड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह गिरी हैं। यह 5,100 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा है। इस गिरावट के मुख्य कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर, बढ़ते तेल मूल्य और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक चिंताएं हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने भी कीमती धातु पर दबाव डाला है।
दर कटौती पर अनिश्चितता
फेडरल रिजर्व के दर कटौती के दृष्टिकोण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछली एफओएमसी बैठक के मिनट और हालिया उम्मीदें मौद्रिक नीति में ढील के प्रति अधिक झुकाव नहीं दिखाती हैं। निवेशक अब अमेरिकी वृद्धि के आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ये आंकड़े समग्र आर्थिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं।
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