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वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की बड़ी उपलब्धि: कोयला उत्पादन 200 मिलियन टन के पार; 24 दिन पहले ही टूटा रिकॉर्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवीन पारमुवाल Updated Fri, 13 Mar 2026 06:26 PM IST
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सार

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश में कोयले का उत्पादन 200 मिलियन टन के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। यह लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले 24 दिन पहले ही हासिल कर लिया गया।

india coal production reaches record 200 million tonnes milestone in financial year 2025 2026 report
कोयला खदान - फोटो : एएनआई
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विस्तार

Coal Production in India: पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव और इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत के लिए ऊर्जा के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। देश में कोयला उत्पादन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। केंद्र सरकार ने बताया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 11 मार्च तक कोयले का उत्पादन 200 मिलियन टन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है। कोयला मंत्रालय के मुताबिक, यह उपलब्धि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है। इस सफलता में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का बड़ा योगदान रहा है। 
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मंत्रालय के अनुसार, कुल उत्पादन में कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही है। इन खदानों से 194.17 मिलियन टन कोयला निकाला गया। वहीं, अन्य खदानों ने 6.06 मिलियन टन का योगदान दिया। इन दोनों को मिलाकर कुल उत्पादन 200 मिलियन टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार उत्पादन में 10.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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समय से पहले हासिल किया लक्ष्य
खास बात यह है कि इस साल का उत्पादन पिछले वित्त वर्ष के कुल उत्पादन से भी आगे निकल गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 197.32 मिलियन टन कोयला पैदा हुआ था। इस आंकड़े को भारत ने 7 मार्च 2026 को ही पार कर लिया था। यानी पिछले साल के मुकाबले यह उपलब्धि 24 दिन पहले ही हासिल कर ली गई। यह इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों और मजदूरों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। मंत्रालय ने इस सामूहिक प्रयास की सराहना की है।

आपूर्ति में भी हुई बढ़ोतरी
कोयले के उत्पादन के साथ-साथ इसकी सप्लाई में भी तेजी आई है। कोयले की आपूर्ति पिछले साल के 182.98 मिलियन टन से बढ़कर 197.09 मिलियन टन हो गई है। इसमें सालाना आधार पर 7.71 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। सरकार का कहना है कि आपूर्ति में यह बढ़ोतरी देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी है। इससे बिजली घरों और उद्योगों को बिना किसी रुकावट के कोयला मिल सकेगा।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
कोयला मंत्रालय का कहना है कि यह सफलता आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने की दिशा में अहम है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों और नई तकनीक के इस्तेमाल से खनन क्षेत्र में तेजी आई है। इस साल घरेलू उत्पादन और आपूर्ति खपत से ज्यादा रही है। यही वजह है कि खदानों और बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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